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नोहझील के गांव भूरेका पहुंचे कांग्रेस के नेता, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

ByVijay Singhal

May 24, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नौहझील के गांव भूरेका में अनुसूचित जाति की युवती की बरात चढ़त के दौरान हुई घटना के बाद शुक्रवार को राजनीतिक पार्टियों के नेता गांव पहुंचे। परिजन से घटना की जानकारी लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। दुल्हन के चाचा पूरन सिंह द्वारा 3 नामजदों सहित 20-25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर, हाथरस प्रभारी विक्रम बाल्मीकि, प्रदीप सागर, राजा बाबू एवं वामपंथी नेता नसीर शाह भूरेका पहुंचे। विवाहिता बेटी की मां ने बताया कि उसके पति और बेटे की मौत हो चुकी है। समाज के सहयोग से विवाह की व्यवस्था की थी। बरात दरवाजे पर पहुंची, क्षेत्र के दबंगों ने हंगामा कर दूल्हे को बग्धी से उतार दिया। दबंग परिवार के लोग समझौते के लिए दवाब बना रहे हैं। मुकेश धनगर ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक वह चुप नहीं बैठेंगे। विक्रम बाल्मीकि ने पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि दिए जाने की मांग की। अन्यथा कांग्रेस कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी। इससे पूर्व दोपहर आजाद समाज पार्टी के मांट विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष पूरन सिंह गांव पहुंचे। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
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Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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