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मथुरा स्टेशन से बच्चा चोरी का पर्दाफाश, महिला ने प्रेमी संग चुराया मासूम, मुरैना से गिरफ्तार

ByVijay Singhal

Sep 11, 2026
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दर्शन करने आए उन्नाव के परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब पांच माह का मासूम अचानक लापता हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्चे को चोरी करने वाले महिला और उसके प्रेमी को मुरैना से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि महिला की बच्चेदानी खराब होने के कारण उसकी कोई संतान नहीं थी और संतान की चाह में उसने प्रेमी के साथ मिलकर मासूम को चुराने की योजना बनाई थी। उन्नाव जिले के असोहा थाना क्षेत्र के पाठकपुर निवासी 28 वर्षीय देवशंकर मिश्र मजदूरी करते हैं। वह चार सितंबर को पत्नी गौरी मिश्रा, तीन वर्षीय बेटी प्रिया और पांच माह के बेटे सूर्या के साथ मथुरा आए थे। छह सितंबर को दर्शन के बाद परिवार मथुरा जंक्शन के द्वितीय प्रवेश द्वार के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया स्थित यात्री प्रतीक्षालय में ठहर गया। यहां उनकी मुलाकात एक युवक-युवती से हुई, जिन्होंने खुद को पति-पत्नी बताया। छह और सात सितंबर को दोनों देवशंकर के साथ ही रहे। सात सितंबर की सुबह करीब पांच बजे गौरी लघुशंका के लिए गईं। लौटकर देखा तो पांच माह का सूर्या गायब था। सूचना पर हाईवे थाना पुलिस और आरपीएफ ने स्टेशन के सीसीटीवी खंगाले। फुटेज में वही युवक-युवती मासूम को लेकर जाते दिखाई दिए। सीओ रिफाइनरी प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया जांच में पता चला कि मुरैना के बिशनपुर निवासी सीमा की शादी वर्ष 2018 में देशराज से हुई थी। बच्चेदानी खराब होने के कारण उसकी संतान नहीं हुई। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। करीब तीन वर्ष से सीमा नूराबाद क्षेत्र के जरेरूआ निवासी संजीव के साथ लिव-इन में रह रही थी। बताया गया कि मथुरा में घूमते समय एक बाबा ने उसे जल्द संतान सुख मिलने की बात कही थी। इसके बाद दोनों ने मासूम को चोरी करने की साजिश रची। पुलिस ने दोनों को मुरैना के गांव बसइया मंदिर के पास से गिरफ्तार कर मासूम को बरामद कर लिया।
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,
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