हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में ज्येष्ठ मास में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी सहित नगर के मंदिरों में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए फूलों और लतापताओं से बनीं कुंजों व बंगले में विराजमान किया जा रहा है। भगवान की पोशाक व आभूषण भी पुष्प कलियों से बनाए जा रहे हैं। वहीं सेवा में बदलाव कर उन्हें शीतल पेय एवं फल सेवित किए जा रहे हैं। 25 मई से नौतपा शुरू होने जा रहा है। ऐसे में ठाकुर बांकेबिहारी को शीतलता प्रदान करने के लिए सेवायत गोस्वामी हर संभव जतन कर रहे हैं। सेवायत सुबह शृंगार आरती तथा शाम को उत्थापन भोग में ठंडाई, खरबूज व आम आराध्य को सेवित करेंगे। मंदिर के सेवायत आचार्य प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि भीषण गर्मी में आराध्य की भोगराग सामिग्री पूरी तरह शीतलता प्रदायक भोज्य व पेय पदार्थों पर केंद्रित है। इस समय भगवान के भोगराग में मेवाओं की मात्रा कम कर दी गई है। ठंडी तासीर वाले पदार्थ सेवित किए जा रहे हैं। पूरे दिन में कई बार भगवान को माखन – मिश्री, शरबत, ठंडाई, मौसमी फलों के रस व ठंडे दूध की मलाई के साथ भोग में छैना, मावा, फल, गुलकंद इत्यादि से बनी भोग सामग्री परोसी जा रही हैं। दिन में चार बार ठाकुरजी की ठंडी तासीर वाले इत्रों से मालिश की जा रही है। आम दिनों में उत्थापन भोग में ठाकुरजी को चाट, पकोड़ा, सुबह शृंगार आरती के बाद बालभोग में कचौड़ी, सब्जी, मिठाई परोसी जाती थी। भगवान की शयन शैया में भी बदलाव किया है। हल्की मलमल की चादर व हल्के गद्दे सजाए जा रहे हैं। पंखा, कूलर एवं एसी के द्वारा ठाकुरजी को शीतल सुख पहुंचाने के प्रयत्न हो रहे हैं।
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Author: Vijay Singhal
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