हिदुस्तान 24 तुवि न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा का बीएसए कार्यालय सुर्खियों में बना रहता है। इस बार वजह है यहां आरटीई यानी राइट टू एजुकेशन में होने वाले बच्चों के एडमिशन में बरती जा रही अनियमितता। बीएसए ऑफिस में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत होने वाले निशुल्क एडमिशन में घपला किया गया है। बीएसए कार्यालय ने एक ही विद्यालय को 6 जगह दिखाया है। आरटीई यानि राइट टू एजुकेशन के तहत बच्चों को पब्लिक स्कूल में निशुल्क शिक्षा दी जाती है। RTE एक्ट भारत में 4 अगस्त 2009 को संसद में पारित किया गया था। लेकिन यह नियम 1 अप्रैल 2010 से लागू किया गया था। यह नियम बच्चों को निशुल्क शिक्षा का अधिकार देता है। इस नियम के तहत अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, बीपीएल,अनाथ बच्चे आदि आते हैं। आरटीई एक्ट के तहत मथुरा के कान्हा माखन स्कूल को UDISE कोड मिला हुआ है। UDISE का मतलब यूनाइटेड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन यानि शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली। इस कोड के जरिए कान्हा माखन स्कूल में प्रतिवर्ष आरटीई के तहत बच्चों को एडमिशन दिया जाता है। लेकिन इस बार बीएसए कार्यालय की शिथिलता के चलते कान्हा माखन स्कूल को 6 जगह पर दिखा दिया। कान्हा माखन पब्लिक स्कूल की मसानी पर ब्रांच है। यहां आरटीई की सूची में एक स्कूल के गलत एड्रेस व UDISE के जरिए 6 स्कूल दर्शा दिए गए। मामला संज्ञान में आया तो विद्यालय के प्रिंसिपल ने मुख्य विकास अधिकारी के यहां शिकायत की। जिसके बाद बीएसए ऑफिस में चल रहे गड़बड़ झाले का खुलासा हुआ। कान्हा माखन स्कूल के प्रबंधक अनिल यदुवंशी ने बताया कि पिछले कई वर्षों से एडमिशन दिए जा रहे थे। इस बार RTE के जरिए निर्धारित संख्या से कई गुना ज्यादा बच्चों के एडमिशन आए। जिस पर जांच की तो पता चला कि कान्हा माखन स्कूल की ब्रांच को अलग अलग जगह दिखा दिया गया। स्कूल के प्रबंधक ने मांग की कि अगर यह मानवीय त्रुटि है तो सही किया जाए और कोई जानबूझ कर किया गया है तो जांच की जाए।बीएसए कार्यालय की लापरवाही का मामला तूल पकड़ा तो बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है। अगर जांच में कोई दोषी निकला तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। बीएसए ने माना कि इसकी वजह से समस्या हुई है जिन जरूरतमंद बच्चों को यह अधिकार मिलना चाहिए वह इधर उधर भटक रहे हैं। वहीं जब इस लापरवाही के बारे में डीएम पुलकित खरे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इसकी जांच कराएंगे और देखा जायेगा कि योजना के हिसाब से एडमिशन हों।
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Author: Vijay Singhal
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