हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर परशुराम पार्क रमणरेती रोड वृंदावन में अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव आनंद पूर्वक सभा के समस्त पदाधिकारियों की उपस्थिति में मनाया गया। इस अवसर पर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित बिहारी लाल वशिष्ठ ने कहा कि भगवान परशुराम सभी के आराध्य तथा जन-जन की आस्था के प्रतीक हैं। भगवान महर्षि परशुराम के प्राकट्योत्सव के दो दिवसीय आयोजन के अन्तर्गत मण्डी रामदास स्थित मोहित भवन हनुमान मन्दिर पर परशुराम जी के प्राचीन अष्टधातु के श्री विग्रह का पंचामृत महाभिषेक पुरूसूक्त व परशुराम स्त्रोत के मध्य मन्दिर महन्त पंडित शशांक पाठक, श्रीमद् भागवत कथा आयोजन समिति के संस्थापक पंडित अमित भारद्वाज ने संयुक्त रूप से किया। अभिषेक के उपरान्त पुष्प सेवा, सुगन्ध सेवा, वस्त्र अलंकरण के पश्चात हलुवा, सत्तू व ककड़ी का भोग लगाकर कर्पूर जन्म आरती की। इस अवसर पर शशांक पाठक ने कहा कि मथुरा में भगवान परशुराम का भव्य मन्दिर बनवाने के लिये संकल्पित है । शीघ्र ही नगर में भव्य परषुराम मन्दिर बनायेगें । अमित भारद्वाज ने कहा कि परशुराम का प्राकट्य जनकल्याण कार्यो के लिये हुआ । उनको क्षत्रिय विरोधी व क्रोधी कहना मात्र भ्रान्ति है । उनके जीवन दर्षन में अनेकानेक गुण परिलक्षित होते है। महासभा के नगर अध्यक्ष आचार्य राम विलास चतुर्वेदी ने कहा कि भगवान परशुराम का अवतरण इस धरा धाम पर धर्म की स्थापना के लिए एवं अधर्म के विनाश के लिए तथा समता,शांति,एकता और पर्यावरण की रक्षा के लिए हुआ। धनुर्विद्या योग शास्त्र की शिक्षा के लिए अवतरित हुए भगवान परशुराम ने अपने दिव्य तपस्या रुपी जीवन में माता-पिता की सेवा एवं पितृ आज्ञा का प्रत्यक्ष परिणाम समाज के सामने स्थापित किया।आचार्य बद्रीश जी ने कहा भगवान परशुराम सभी के आराध्य देव हैं। अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम का पूजन कर सभी विप्रो की एकता का स्वरूप प्रदर्शित होता है। इस अवसर पर राधा कांत शर्मा ने कहा कि भगवान के जन्मोत्सव का यह दिव्य और भव्य कार्यक्रम श्री धाम वृंदावन में प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। इस अवसर पर कर्णिका गोस्वामी, कपिलानंद चतुर्वेदी, आनंद शर्मा,बाल किशन शर्मा,बालू पंडित,रवि शर्मा, पप्पू, ईश्वर चंद रावत,जितेंद्र शास्त्री,गुलशन चतुर्वेदी, सिद्धार्थ त्रिपाठी, सत्येंद्र शास्त्री,अनिल शास्त्री, दिनेश, बृजेश, गिरीराज शरण शर्मा, कुल्लो करण, कृष्ण गोस्वामी, कृष्ण मुरारी शर्मा, जुगल किशोर गोस्वामी, श्याम सुंदर शास्त्री, प्रदीप गोस्वामी, आनंद गोस्वामी, आचार्य यदुनंदन, राम रतन शास्त्री, नरेंद्र शास्त्री, अखिलेश शास्त्री, रवि शास्त्री, पवन शास्त्री, बालकृष्ण शर्मा, रामदेव शास्त्री, आदि उपस्थित रहे।
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Author: Vijay Singhal
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