• Mon. Jun 29th, 2026

अपात्र सरकारी खाद्यान्न का आनंद ले रहे आनंद, पात्र राशन कार्ड बनवाने के लिए लगा रहे चक्कर

ByVijay Singhal

Apr 20, 2023
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिघल
मथुरा। अपात्र सरकारी खाद्यान्न का आनंद ले रहे हैं और पात्र राशन कार्ड बनवाने के लिए खाद्य विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। विभागीय अधिकारी मूकदर्शक बनकर बैठे हैं। कोई अपना राशन कार्ड सरेंडर करने आ जाए तो कर लेते हैं, लेकिन पात्रों को उनका अधिकार मिल सके, ऐसी कोई कवायद नजर नहीं आती।
जिले में 20 हजार से अधिक ऐसे लोग हैं, जो राशन कार्ड बनवाने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी राशन कार्ड नहीं बना पा रहे हैं, क्योंकि शासन की गाइडलाइन के अनुसार पूरे जिले में चार लाख 67 हजार 808 कार्ड ही बनाए जा सकते हैं, जो बन चुके हैं। इन कार्डों में से कोई अपना कार्ड सरेंडर करें तो कार्ड बनवाने को लाइन में लगे 20 हजार लोगों में से किसी का नंबर आ सकता है। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि पिछले छह माह में 291 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसमें उन लोगों की संख्या अधिक है, जिन्होंने स्वयं ही आकर राशन कार्ड सरेंडर किया है। जिले में जिन लोगों के पास राशन कार्ड है वह पात्र हैं या अपात्र इसका सत्यापन करने की जिम्मेदारी ग्राम विकास अधिकारी तथा आगंनबाड़ी के पास है। शासन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अतिरिक्त कार्य का इतना बोझ लाद दिया है कि वह इस ओर ध्यान ही नहीं दे पाती हैं और पात्रों के स्थान पर अपात्र सरकारी खाद्यान्न का लाभ उठा रहे हैं। सुशील तिवारी, प्रभारी, जिला पूर्ति विभाग ने बताया
नियमानुसार ग्रामीण क्षेत्र में जनसंख्या के 79.56 प्रतिशत तथा शहर में 64.43 प्रतिशत लोगों के राशन कार्ड बनाए जा सकते है। अभी तक नियमानुसार कार्ड बन चुके हैं, यदि किसी का कार्ड निरस्त हुआ तो लंबित आवेदकों के कार्ड बनाए जाएंगे।
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.