हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में चार महीने पहले यमुना में हुए मोटरबोट हादसा से न तो प्रशासन ने सबक लिया और न ही नाविक। प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का कोई पालन नहीं किया जा रहा। कुछ नाविक मनमानी कर रहे हैं। न तो क्षमता के अनुरूप श्रद्धालुओं को बैठाया जा रहा और न ही लाइफ जैकेट पहनाई जा रही हैं। एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। ये शनिवार सुबह वीडियो विहार घाट का है। 10 अप्रैल को वृंदावन में केशीघाट के समीप श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट से पैंटून पुल टकरा गया। इससे मोटरबोट पलट गई। इस हादसे में पंजाब के 16 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई थी। इस हादसा के बाद एसओपी तैयार हुई। नाविकों के पंजीकरण कराए गए। गाइडलाइन तैयार की गई। लेकिन, कुछ नाविक आज भी मनमानी कर रहे हैं।
रिवर पुलिस एवं एनडीआरएफ की टीम यमुना किनारे तैनात किए जाने की बात कही गई थी। लेकिन, चार माह बाद भी यहां कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही। प्रशासनिक, नगर निगम एवं पुलिस कोई भी घाटों पर आकर मनमानी की निगरानी नहीं कर रहे हैं। इसको लेकर मोटरबोट संचालक मनमानी कर रहे हैं। शनिवार की सुबह 11 बजे एक मोटरबोट में तय संख्या से दाेगुणी संख्या में श्रद्धालु नौका विहार कर रहे थे। इनमें आधे श्रद्धालुओं के पास लाइफ जैकेट तक नहीं थी। किसी ने इसका वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। ये वीडियो विहार घाट का है। वीडियो में एक नाविक नाविक मोटरबोट संचालक को ओवरलोड सवारियां न बैठाने की चेतावनी भी दे रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर नदी पार न करवाई जाए। लेकिन, मोटरबोट संचालक पूरी तरह से नाविक की बातों को नजरअंदाज कर मोटरबोट को आगे बढ़ा ले जाता है।
