हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। पीएनजी सुविधा पहुंचने के बाद भी कनेक्शन न लेने वाले परिवारों पर जिला पूर्ति विभाग की नजर है। इनके एलपीजी कनेक्शन काटे जाएंगे। जिला पूर्ति विभाग ने जिले की नौ प्रमुख गेटबंद सोसाइटियों के उन 1149 परिवारों को चेतावनी दी है, जिन्होंने अब तक पीएनजी कनेक्शन नहीं लिया है। इन सोसाइटियों के कुल 4150 मकानों में से 3001 परिवारों ने पीएनजी अपना ली है। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों के निर्देश हैं कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी का बुनियादी ढांचा तैयार है, वहां तीन महीने के भीतर एलपीजी को पीएनजी कनेक्शन में परिवर्तित करना अनिवार्य है। निर्धारित समय में कनेक्शन न लेने और पुराना एलपीजी सरेंडर न करने पर मौजूदा रसोई गैस कनेक्शन निरस्त कर दिया जाएगा। एलपीजी पर बढ़ती देशव्यापी सब्सिडी के बोझ को कम करने और सुरक्षित व स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डा. नीरज मित्तल ने पत्र जारी कर बताया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्ट्रेट आफ हार्मुज क्षेत्र में उपजे हालिया हालातों के चलते देश की एलपीजी पर निर्भरता कम करना आवश्यक हो गया है। वर्तमान में तेल कंपनियों को प्रति एलपीजी सिलेंडर पर करीब 690 रुपये का नुकसान हो रहा है, जिससे सालाना लगभग 1,38,000 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय घाटा उठाना पड़ रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सरकार पर प्रति वर्ष 19,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त सब्सिडी बोझ भी है। इस आर्थिक भार को नियंत्रित करने और पर्यावरण अनुकूल स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने अब सख्ती अपनाना शुरू कर दिया है।
