हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नौहझील थाना क्षेत्र में ईंट-भट्टों पर काम करने वाले 90 बांग्लादेशी बच्चे, महिला और पुरुषों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गई है। कोई स्थानीय व्यक्ति इनकी जमानत लेने को तैयार नहीं है। ऐसे में पुलिस इन्हें जेल से बाहर निकालकर बांग्लादेश नहीं भेज पा रही है। ऐसे में अब अधिकारियों ने बांग्लादेशी दूतावास को पत्र भेजा है। एसएसपी श्लोक कुमार ने पिछले दिनों हुई क्राइम मीटिंग में जिले में रहने वाले संदिग्धों के सत्यापन के निर्देश दिए थे। 16 जून को नौहझील पुलिस ने गांव खाजपुर और जरैलिया-सेऊपट्टी स्थित भट्ठों से 90 बांग्लादेशी गिरफ्तार किए थे। इसमें 35 पुरुष, 27 महिला, 28 बच्चे शामिल थे। आरोपियों ने स्वयं को मुस्लिम बताया और 10 से 15 साल से भारत में रहने की जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश पर सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों की जमानत कैसे हो यह पुलिस के सामने चुनौती बन गया है। कोर्ट में कोई स्थानीय व्यक्ति इनकी जमानत नहीं ले रहा। कारण जमानत के बाद यह बांग्लादेशी लापता हो गए तो कोर्ट जमानतदार के खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुलिस इसी माथापच्ची में जुटी है कि आखिर इस समस्या से कैसे छुटकारा पाया जाए। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद ही उन्हें देश की सीमा से बाहर छोड़ा जा सकता है। श्लोक कुमार एसएसपी मथुरा ने कहा, बांग्लादेशी दूतावास पत्र भेज अधिकारियों को मामले से अवगत कराया है कि जेल में बंद अपने देश के नागरिकों की जमानत कराकर ले जाएं। अभी दूतावास से कोई जवाब नहीं आया है। जल्द ही जवाब आने की उम्मीद है। यदि जवाब नहीं आया तो विधिक राय लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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