हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। डीपीआरओ किरन चौधरी की गिरफ्तारी और निलंबन के बाद अब लगातार शिकायतों की परतें खुलती जा रही हैं। एक अधिवक्ता ने किशनपुर ग्राम पंचायत में लगीं स्ट्रीट लाइटों को लेकर डीपीआरओ की शह में ग्राम पंचायत अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ये लाइटें विभिन्न कंपनियों की हैं जो शासनादेश के विरुद्ध है। उन्होंने दिसंबर 2024 में इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। अधिवक्ता नंदकिशोर पाराशर ने बताया है कि किशनपुर ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइटें लगवाने के लिए डीपीआरओ ने 2022 में एक ही काम के लिए दो बार में एक-एक लाख रुपये की धनराशि आवंटित की थी। इसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारियों ने शासन नियमों के विरुद्ध ग्राम पंचायत में विभिन्न कंपनियों की स्ट्रीट लाइटें लगवा दीं, जबकि शासन ने एक ही कंपनी की लाइटें लगवाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र मामले की जांच कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने ग्राम पंचायत में जाकर लगी लाइटें की जांच पड़ताल की। जांच पूरी होने के बाद वह अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ में सुनवाई के दौरान डीपीआरओ किरन चौधरी की जमानत टल गई है। अब 18 फरवरी को सुनवाई होगी। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने डीपीआरओ की जमानत पर विरोध जताया। कहा कि डीपीआरओ की जमानत के बाद जांच प्रभावित होगी। साथ ही शिकायतकर्ता भी सहयोग करना बंद कर देंगे। अभी तक की जांच डीपीआरओ के खिलाफ है। सुनवाई के लिए आगरा विजिलेंस के इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह, अशोक कुमार समेत चार सदस्यीय टीम मेरठ पहुंची थी।
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Author: Vijay Singhal
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