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कृपालु महाराज की धार्मिक विरासत संभाल रहीं

ByVijay Singhal

Nov 25, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में जगदगुरु कृपालु महाराज की बड़ी बेटी डॉ. विशाखा त्रिपाठी से उन्हें प्यार से अनुयायी बड़ी दीदी कहते थे। विशाखा ने आध्यात्म और मानव सेवा के संगम से ऐसा पुल बनाया, जो भक्ति और करुणा के बीच की हर दूरी को मिटा देता है। जगद्गुरु कृपालु परिषद की अध्यक्ष विशाखा त्रिपाठी का जीवन हर किसी के लिए पितृ भक्ति का प्रेरणास्रोत बन सकेगा। जगद्गुरु श्रीकृपालुजी महाराज के बरसाना, वृंदावन, मनगढ़ से लेकर सात समंदर पार यूएस तक फैली धार्मिक विरासत को डॉ. विशाखा त्रिपाठी संभाल रहीं थीं। अनुशासन प्रिय बड़ी दीदी ने कृपालु महाराज के गोलोकगमन के बाद से लगातार 11 वर्षों से लाखों अनुयायियों को कृपालुजी महाराज की कमी नहीं खलने दी। जगद्गुरु कृपालुजी महाराज ने अपने जीवित रहते ही वर्ष दो हजार में डॉ. विशाखा त्रिपाठी को संस्था की चेयरपर्सन बना दिया था। इससे पूर्व ही विशाखा आध्यात्म के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करते हुए आजीवन अविवाहित होने का संकल्प ले चुकी थीं। संस्था के सामाजिक कार्यों को ध्यान में रखते हुए भारत व उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें कई बार विभिन्न सम्मानों से नवाजा था। उन्हें ग्लोबल सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। बड़ी दीदी के समर्पण को देखते हुए मझली बहन डाॅ. श्यामा त्रिपाठी एवं छोटी बहन डाॅ. कृष्णा त्रिपाठी ने भी विवाह नहीं किया और अपना जीवन जन कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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