हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। दिल्ली के एक युवक से डेयरी फर्म के नाम पर 45 हजार रुपये ठगने वाले दो साइबर शातिरों को शुक्रवार को फरह और रिफाइनरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से ठगी की रकम बरामद कर जेल भेज दिया गया है। एसपी सिटी मार्तंड प्रताप सिंह ने बताया कि प्रतीक शर्मा पुत्र सतीश शर्मा निवासी रामा पार्क रोड, उत्तम नगर, नई दिल्ली गत 25 जुलाई को रिफाइनरी इलाके में किसी काम से आए थे। यहां उनको मोबाइल पर एक संदेश मिला, जिसमें डेयरी फर्म का उद्यम कराते हुए प्रोडक्ट दिलाने और विज्ञापन करने का जिक्र था। उन्होंने संदेश पर भरोसा कर सहमति दे दी। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक और संदेश आया, जिसमें मावा और पनीर खरीदने की जिक्र था और 12000 रुपये व 50 हजार रुपये क्रेडिट करने का एक स्क्रीनशॉट था। इसके बाद मैसेज करने वाले ठगों ने उन्हें फोन कर कहा कि उनके खाते में गलती से पांच हजार की बजाए 50 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। उन्होंने विश्वास करते हुए 45 हजार रुपये ठगों द्वारा उपलब्ध कराए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें बैंक से स्टेटमेंट मिला, तो ठगी का अहसास हुआ। प्रदीप ने रिफाइनरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। फरह इंस्पेक्टर ने मामले की जांच की, जिसमें साइबर शातिर द्वारा इस्तेमाल बैंक खाते की जानकारी मिली। यह खाता जमुना देवी पत्नी रामवीर निवासी नगला माना, उस्फार, हाईवे का निकला। जमुना देवी ने पूछताछ में बताया कि इस खाते को दामाद बबलू पुत्र नत्थीराम निवासी गदालपुर, डीग, भरतपुर, राजस्थान द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। बबूल को हिरासत में लेने पर पूरा मामला खुल गया। बबलू की निशानदेही पर उसके साथी अरमान पुत्र शहजाद निवासी देवसेरस, गोवर्धन को गिरफ्तार कर लिया। इनसे ठगी के 45 हजार रुपये, तमंचा, एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। बबलू ने स्वीकार किया कि उसने अपनी सास जमुना देवी से उनका बैंक खाता और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर प्राप्त कर लिया था। खाते का एटीएम कार्ड भी वह इस्तेमाल कर रहा था। प्रदीप से ठगी के बाद अरमान के साथ मिलकर ठगी की रकम को राजस्थान के विभिन्न स्थानों के एटीएम से निकाल लिया गया। पुलिस इसी बैंक खाते के जरिये दोनों ठगों तक पहुंची। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर फरह सुरेश चंद्र, साइबर सेल इंस्पेक्टर जयवीर सिंह, एसआई मनोज कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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Author: Vijay Singhal
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