हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में स्थित हाथी संरक्षण केंद्र पर राजू नाम के हाथी की आजादी के दस वर्ष पूरे होने पर जश्न मनाया गया। राजू उस हाथी के रूप में जाना जाता है, जिसकी आँखों में अपने पैरों में जकड़ी जंजीर के खुलने पर खुशी और राहत के आंसू थे। राजू को लगभग एक दशक पहले वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस ने गंभीर परिस्थितियों से बचाया था। एनजीओ की देखरेख में सुरक्षित जीवन जीने के लिए राजू को मथुरा स्थित हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र में लाया गया, जहां आज वह आजादी के 10 वर्ष पूरे कर चुका है। स्टार हाथियों में से एक राजू के लिए यह एक महत्वपूर्ण पल है। जो अपनी स्वतंत्रता के 10 वर्ष पूरे कर चुका है। 50 वर्षों तक राजू को नुकीली जंजीरों में जकड़ कर रखा गया। जिससे उसके पैरों के मांस में मवाद से भरे घाव बना गए थे। जब भी वह चलता, दर्द से कराह उठता था। पांच दशकों के दुर्व्यवहार ने इस हाथी को उसके जंगली स्वभाव से पूरी तरह दूर रखा। राजू को केवल पैसा बनाने वाली मशीन के रूप में इस्तेमाल किया जाता था और पिछले कुछ वर्षों में उसका स्वामित्व यानी उसके मालिक कई बार बदलते रहे। जब राजू सारी उम्मीदें हार चुका था, तब उसकी पीड़ा हवा की तरह लोगों में फैली और 4 जुलाई 2013 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से उसको रेस्क्यू किया गया। राजू जब मथुरा के हाथी संरक्षण केंद्र आया तो उसके शरीर पर अंकुश की चोटों के कई निशान थे। राजू के कूल्हों और पैरों पर फोड़े थे और उसकी पूंछ पर घाव थे, जो की उसकी दुर्दशा बयान कर रहे थे। लेकिन वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस की पशु चिकित्सक टीम की मेहनत और प्रयासों से राजू की हालत में अब बेहद सुधार है। उसकी पूंछ का घाव ठीक हो रहा है और नियमित उपचार के कारण उसके फोड़े-फुंसियों में भी सुधार दिख रहा है।वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस के सह-संस्थापक और सी.ई.ओ, कार्तिक सत्यनारायण ने बताया राजू ने अपनी आजादी के 10 वर्ष पूरे कर लिए है और यह वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस के लिए एक स्मरणीय अवसर है। इंसानों द्वारा राजू को दिए गए दर्द को समझना अकल्पनीय है, जो उसने 50 वर्षों तक झेला। संस्था ने राजू को उसकी आजादी वापस दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की है और अब वह पशु चिकित्सा टीम और हाथी देखभाल कर्मचारियों की निगरानी में प्यार और देखभाल से भरा जीवन जी रहा है। वाइल्डलाइफ एस.ओ.एस की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि ने बताया कि राजू के जीवन का यह दूसरा चरण करुणा और स्नेह से भरपूर है।हाथी अस्पताल परिसर में हाथी देखभाल कर्मचारी यह सुनिश्चित करते हैं कि वे राजू के लिए आवश्यक तैयारियों के साथ हमेशा तत्पर रहें। ताजे फल और सब्जियों की एक स्वस्थ मात्रा राजू के पौष्टिक आहार को सुनिश्चित करती है l राजू अपने बाड़े में मौजूद पूल में घंटों बिताना पसंद करता है।
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Author: Vijay Singhal
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