हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गिरिराज महाराज के जयकारों के बीच तलहटी में श्रद्धा एवं आस्था का सैलाब उमड़ने लगा है। दूसरे दिन शुक्रवार को उमस और तेज धूप भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी। कड़ी धूप में भी भक्त हंसते-गाते गिरिराज महाराज की परिक्रमा लगा रहे थे। शाम को मौसम सुहावना हुआ तो श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा हुआ। हंसते-गाते चल रहे लोगों के मन में बस एक ही भाव था, कैसे भी गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर दर्शन हो जाए। हरिनाम संकिर्तन करते हुए श्रद्धालुओं के दल भक्तिमय माहौल बना रहे हैं। नाचतीं-गातीं महिलाओं के चेहरे पर श्रद्धा का उल्लास उमड़ रहा है, बच्चों के चेहरों पर शिकन तक नहीं है। शाम को मौसम सुहावना हुआ तो श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा हुआ। हंसते-गाते चल रहे लोगों के मन में बस एक ही भाव था, कैसे भी गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर दर्शन हो जाए। हरिनाम संकिर्तन करते हुए श्रद्धालुओं के दल भक्तिमय माहौल बना रहे हैं। नाचतीं-गातीं महिलाओं के चेहरे पर श्रद्धा का उल्लास उमड़ रहा है, बच्चों के चेहरों पर शिकन तक नहीं है। विभिन्न संस्कृति और भाषाओं से जुडे़ लोगों के संगम ने मानों गोवर्धन में अनूठे संसार की रचना कर दी है। बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार दिन में रेलगाड़ियों और बसों से श्रद्धालुओं का आवागमन होता रहा। बाजारों में परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या से नजारा किसी कुंभ से कम नहीं लग रहा है। भक्त गिरिराज जी के चरणों में पहुंचकर दूध का अभिषेक व मनोकामना के लिए दीप जला रहे हैं। तलहटी में चहुंओर गिरिराज महाराज के जयकारे गूंज रहे हैं। मेला क्षेत्र अब 21 किमी. से बढ़कर करीब 50 किमी. का हो गया है। परिक्रमा मार्ग को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग से लेकर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर भीड़ नजर आ रही है। उधर, बृहस्पतिवार दिन में रात में बारिश होने से पार्किंग स्थलों पर कीचड़ हो गया है। इससे श्रद्धालु वाहनों को खड़ा करने में हिचकिचा रहे हैं। तड़के करीब साढ़े तीन बजे मानसी गंगा के किनारे स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें नजर आईं। सप्तकोसीय परिक्रमा के बाद मानसी गंगा में स्नान का महत्व है। सुरक्षा की दृष्टि से मानसी गंगा के घाटों को बैरीकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया है तथा किनारों पर स्नान के लिए फव्वारे लगाए गए हैं। श्रद्धालु इन्हीं के नीचे नहाकर धार्मिक परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं। मुड़िया मेले को लेकर जगह-जगह हरिनाम संकीर्तन एवं धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं। चकलेश्वर पर श्रीराधा श्याम सुंदर मंदिर से शोभायात्रा 3 जुलाई को सुबह 10 बजे से महंत रामकृष्ण दास महाराज के निर्देशन में निकाली जाएगी। दूसरी शोभायात्रा इसी दिन शाम 5 बजे महंत गोपाल दास बाबा के निर्देशन में निकाली जाएगी। मुड़िया संत चैतन्य महाप्रभु मंदिर के महंत गोपाल दास बाबा ने बताया कि वर्षों से चली आ रही मुड़िया यात्रा महोत्सव में आराध्य सनातन गोस्वामी महाराज की विशेष पूजा की जाती है। शोभायात्रा से एक दिन पहले अखंड यज्ञ किया जाएगा। चकलेश्वर राधा-श्याम सुंदर मंदिर के महंत रामकृष्ण दास ने बताया कि मंदिर पर मुड़िया महोत्सव के तहत धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं।
