हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा-वृन्दावन मेयर पद के कॉन्ग्रेस प्रत्याशी श्याम सुन्दर उपाध्याय बिट्टू के अनुसार जो परिणाम आया है, वह किसी के गले नहीं उतर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वेल सेटल्ड चुनाव था, जिसके परिणामों से हर कोई स्तब्ध है। उन्होंने कहा कि वह अभी विचार कर रहे हैं कि उन्हें आगे क्या कदम उठाना है? लेकिन वह मथुरा में कॉन्ग्रेस को कमजोर में जुटे लाइजनर और अपराधियों के मुखिया का कच्चा चिट्ठा लेकर हाईकमान के समक्ष अवश्य पेश होंगे। उन्होंने पहले भी कहा है, आज भी कह रहे हैं और आगे भी यही कहेंगे कि वह चार पीढ़ी से कॉन्ग्रेसी हैं और उनकी आने वाली पीढ़ियां भी कॉन्ग्रेसी होंगी। उन्होंने कहा कि जो अपराधियों के गिरोह का मुखिया हो, मथुरा-वृन्दावन का मेयर उसका चमचा कैसे हो सकता था। लेकिन जो हुआ है, वह भौंचक्का करने वाला है। इस मसले को लेकर हम अभी सारी जानकारियां जुटाते हुए विचार-विमर्श कर रहे हैं कि हमारा अगला कदम क्या होना चाहिए? लेकिन इतना तो तय है की जनता की लड़ाई वह आगे भी लड़ते रहेंगे। सांप्रदायिक शक्तियों के विरुद्ध उनका संघर्ष भी सदैव जारी रहेगा। राहुल देश में सांप्रदायिक शक्तियों के विरुद्ध लड़ रहे हैं और वह मथुरा में यह लड़ाई लड़ रहे हैं। अपने भाजपा में शामिल होने के कयासों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वह चार पीढ़ी से कॉन्ग्रेसी हैं और हमेशा रहेंगे। यह बात उन्होंने यमुना जी पर भी कही थी, आज भी कह रहे हैं कि उनकी आने वाली पीढ़ियां भी कॉन्ग्रेसी ही होंगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार के ताने-बाने इस बार के चुनाव में बुने गए, वह अभूतपूर्व हैं। इसके बावजूद उनके गृह क्षेत्र से कांग्रेस चुनाव जीती है और उनके समर्थक तमाम पार्षद प्रत्याशी विजई रहे हैं जबकि लाइजनर और गिरोह माफिया और पार्टी के अन्य कर्णधारों के प्रत्याशी उनके ही गृह वार्डों में हमेशा हारे हैं। वही इस बार भी हुआ है। लेकिन समर्थक और अन्य प्रत्याशी जो टिकट न मिलने पर निर्दलीय के रूप में खड़े हुए, वह जीतकर आ गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का पैसा मारकर अपने नाम के आगे लिख लेने से कोई उद्योगपति नहीं हो जाता है। उनका वास्तविक स्वरूप क्या है, यह अब सबको पता चलेगा। उन्होंने कहा कि मथुरा, अयोध्या काशी के परिणामों पर सिर्फ देश और प्रदेश ही नहीं अमेरिका तक की नजर रहती है। इसलिए मथुरा-वृन्दावन का चुनाव जीतने के लिए जो कुछ किया जा सकता था या कि हो सकता था, उससे कई ज्यादा किया गया और उससे बहुत ज्यादा हो गया है जो किसी के गले नहीं उतर रहा है। मतदान के दौरान सत्ता के जिस प्रत्याशी के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थीं, उसका एक लाख दस हजार से अधिक मतों से विजई होना सब कुछ खोल कर रख गया है और यह कह गया है इस चुनाव में हर स्तर पर हद दर्जे की बेईमानी हुई है। यह जनमत का अपमान है। उन्होंने कहा कि जनता ने तो उन पर भरोसा करके उन्हें खूब वोट दिया मगर लुटेरों ने मिलकर उसे लूट लिया है। अब उसकी बरामदगी उनसे कैसे करनी है, यह उन्हें तय करना है। उन्होंने जनता का आभार जताया और कहा कि उसकी भलाई के लिए वह हमेशा संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि और बहुत सारी बातें हैं, जिन पर अभी चिंतन और मनन चल रहा है। विचार-विमर्श उपरांत जल्द अगला निर्णय लिया जाएगा। जहां तक कच्चा चिट्ठा लेकर हाईकमान तक पहुंचने की बात है, उन्हें अपनी वह बात भी याद है, वह कार्य भी जल्द अवश्य होगा।
