हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के राम कृष्ण मिशन सेवाश्रम हॉस्पिटल में अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस और वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं द्वारा किए गए भजन के बीच अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन दिल्ली के सचिव स्वामी सर्वलोकानंद जी महाराज, रेल विकास निगम लिमिटेड के चीफ प्रोजेक्टर मैनेजर एस के मिश्रा, रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम स्कूल ऑफ़ नर्सिंग वृंदावन की प्रधानाचार्या कुमारी रेणु बाला सिंह तथा रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम धर्मार्थ अस्पताल की नर्सिंग सुपरिनटैंडैंट श्रीमती राजेश शर्मा उपस्थित रहे। रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम स्कूल ऑफ़ नर्सिंग की प्रधानाचार्य कुमारी रेणु बाला सिंह ने स्वागत भाषण के दौरान कहा कि नर्सेज के योगदान को याद करने और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए हर साल 12 मई को ‘इंटरनेशनल नर्सेस डे’ मनाया जाता है। जनवरी, 1974 में इसे अंतरराष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा हुई। आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन को ही अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के तौर पर मनाया जाता है। रामकृष्ण मिशन दिल्ली के सचिव स्वामी सर्वलोकानंद महाराज ने सेवाश्रम के आदर्श वाक्य “मनुष्य की सेवा ही ईश्वर की सेवा है” को विस्तृत रूप से समझाते हुए नर्सेज़ को नैतिक व निःस्वार्थ रूप से कार्य करने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल एक नर्स थीं। युद्ध के दौरान वह नर्स के रूप में घायल सैनिकों की देखभाल के लिए रात में घूमती थी और नर्सिंग को उन्होंने एक नयी दिशा दे दी। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती का प्रतीक है, जिन्हें आधुनिक नर्सिंग का संस्थापक माना जाता है। उन्होंने बड़े ही आकर्षक ढंग से कई उदाहरण देते हुए सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने माँ सारदा देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान युग में सेवा की आदर्श हैं।रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम स्कूल ऑफ़ नर्सिंग, वृंदावन ट्यूटर कम क्लीनिकल इंस्ट्रक्टर श्रीमती विभा रानी ने नर्सिंग स्कूल के रिपोर्ट में उल्लेख किया कि 1981 में शुरू हुआ। रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम स्कूल ऑफ नर्सिंग को यू.पी. द्वारा विधिवत मान्यता प्राप्त है। यह तीन साल के जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी डिप्लोमा कोर्स के लिए इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम, नियमों और विनियमों का पालन करता है। हर साल एक बैच में अधिकतम 30 लड़कियों को प्रवेश दिया जाता है। यह छात्राओं का 41 वां बैच है।रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल की नर्सिंग सुपरवाइज़र श्रीमती पारुल प्रसाद ने सभी का धन्यवाद देते हुए अस्पताल के सभी नर्सों को उनके सराहनीय कार्य के लिए उनकी प्रशंसा की। कार्यक्रम के पश्चात् रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के प्रभारी स्वामी काली कृष्णानन्द महाराज ने बताया कि इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस का विषय था “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य” है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स (आईसीएन) के अनुसार, हमारी नर्सें, हमारा भविष्य एक वैश्विक अभियान है जिसका उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करना और सभी के लिए बेहतर वैश्विक स्वास्थ्य प्राप्त करना है। कार्यक्रम में नर्सेज के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। इस अवसर पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली छात्राओं को पुरस्कार वितरण किये गए।
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Author: Vijay Singhal
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