हिदुस्तान 24 तुवि न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन की एक बैठक हुई जिसमें समाज में एक जुटता लाने व समाज में छोटे बड़े का भेद भाव मिटाने समाज को संगठित करने के लिय आगामी रणनिति बनाई गई। जिसमे सभी पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार रखे।अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के जिला अध्यक्ष हेमेंद्र गर्ग द्वारा संगठन को मजबूत करने के लिए अपने विचार रखते हुए कहा की मथुरा जिले में हर गली मोहल्ले से बूथ स्तर पर समाज के लोगों को जोड़ा जाएगा क्योंकि जब तक संगठन को बूथ स्तर पर जोड़ना बहुत जरूरी है जब तक हम एकजुट नहीं होगे कोई भी राष्ट्रीय पार्टी समाज के लोगो को न ही टिकट देंगी नहीं किसी भी बड़े पद पर नियुक्त करेंगी देखने को मिलता है कि समाज में एकजुट न होने के कारण हर व्यक्ति वैश्य समाज को गाजर मूली समझता है इसके लिए हमको संगठीत होने की आवश्यकता है इसी लिए समाज में एक जुटता लाने की आवश्यकता हैं।
अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन उत्तर प्रदेश को ऊंचाई तक ले जाने के लिए विस्तार करना होगा इसके लिए हमको एकजुटता का परिचय देना होगा। जिला महा मंत्री जगत बहादुर अग्रवाल, ने कहा कि हम पूरे जिले में वैश्य चोपाल का आयोजन चालू करने जा रहे हैं।
इसमें गली मोहल्ला चौराहा, गाँव-गाँव जाकर अपने वैश्य समाज को संगठन से होने वाले लाभ के बारे मे जानकारी देगे। जिस से हमारे वैश्य परिवार संगठन की रीती नीतियों से प्रभावित हो। हफ्ते मे एक दिन वैश्य चौपाल का आयोजन किया जाएगा इससे समाज में एकजुटता आएगी अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन मथुरा महिला शक्ति की जिला अध्यक्ष श्रीमती दीप्ति जी द्वारा अपने विचार रखते हुऐ कहा की इससे समाज में एक अच्छा सन्देश जायेगा। ज्यादातर देखने को मिलता है की हमारे समाज में बच्चों के विवाह शादियों को लेकर लोग बहुत चिंतित है। वही समाज के बेटे बेटियों के आए दिन तलाक भी एक अभिशाप बने हुए हैं।
समाज में हर मोहल्ले के तीसरे परिवार में बच्चे अविवाहित ही रह जाते क्योंकि इसके जिम्मेदार भी हम लोग ही है। समाज में ज्यादातर परिवारों में देखा जाता है आपसी मत भेद के कारण परिवार टूट रहे हैं आज कल महंगी शादियां मध्यम वर्ग के लिए अभिशाप हुई है। अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन मथुरा महा नगर अध्यक्ष श्रीमति शालू अग्रवाल द्वारा अपने विचार रखते हुए कहा की राजनीति में भागी दारी बराबर कि होनी चाहिए जब तक वैश्य समाज एक जुट नहीं होगा हर कोई समाज को एक आम की तरह चूसता रहेगा जबकि वैश्य समाज ईमानदारी से अपनी कमाई में से टैक्स के रूप में देता हैं कोई आपदा आती है उसमें शामिल होकर हर सम्भव सहायता करता है इसके बाबजूद भी कोई भी सरकार वैश्य समाज को सिर्फ वोट बैंक के रूप में स्तेमाल करती है साथ ही उन्होने कहा कि देखने को मिल रहा है कि ज्यादातर समाज के जो ठेकेदार हैं उन्होने सामाजिक संपत्तियों पर अपना अधिकरा जमा रखा है, चाहे चिकत्सा संस्थान हो शिक्षा संस्थान हो या समाज की धर्मशालाये हो। इनमें भी समाज के लोग मेनेजर नहीं हैं और नहीं कर्मचारी है यह भी समाज के लिए एक अभिशाप बने हुए हैं हम उन समाज के भामाशाओ पूछना चाहते हैं जब भी कोई प्रोग्राम होते हैं तब चंदा लेने के लिए समाज के लोगों के प्रतिष्ठानों पर क्यों जाते हैं देखने को मिलता है मध्यम वर्ग के लोगों को समाज की मीटिंग में भी नहीं बुलाया जाता है सिर्फ चंदे के लिए समाज की दुहाई दी जाती है जब आप अपने समाज के लोगों को संस्थाओं में नहीं रख सकते उनको कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जाती है फिर आप चंदा किस मुंह से मांगने जाते हैं हमारा संगठन अपने समाज के लोगो के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है और करता रहेंगा जब तक समाज में छोटे बड़े का अंतर समाप्त नहीं होगा हम संघर्ष करते रहेंगे। आज हमको संगठित होने की बहुत आवश्यकता पड़ गई हैं हम लोगों के बिखराव के कारण शासन, प्रशासन में भी वैश्य समाज को एक दूध देती गाय की तरह देखा जाता हैं अक्सर देखने को मिलता हैं अगर वैश्य समाज के खिलाफ चौकी थाने पर कोई फर्जी प्रार्थना पत्र भी दे आय उस समय वैश्य समाज के व्यक्ति की स्थिति एक चोर जैसी हो जाती है, क्योंकि उसके साथ वैश्य समाज का कोई व्यक्ति खड़ा नहीं होता इसका फायदा प्रशासन में बैठे लोग उठाते हैं।।जब तक हम संगठित नहीं होंगे इसी तरह लुटते रहेंगे। नगर महामंत्री, अशोक कुमार (अव्बेजी वाले) द्वारा कहा गया की हम अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन उत्तर प्रदेश के बैनर तले सभी वैश्य समाज के लोगो से गली, मोहल्ले, गांव में जा जा कर समाज के लोगो को एकत्रित किया जाएगा समाज के लोगों की हर संभव सहायता की जाएगी। इस बैठक में मौजूद नगर उपाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, नगर मंत्री, योगेश अग्रवाल मसाले वाले नगर मंत्री, पवन अग्रवाल, मंजू खंडेलवाल, प्रीति अग्रवाल, गीता खंडेलवाल, नगर मीडिया प्रभारी ,जीतू अग्रवाल , नगर उपाध्यक्ष, सौरभ खंडेलवाल यमुना केटर्स ,आदि मौजूद रहे।
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Author: Vijay Singhal
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