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मथुरा 09 मई। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कलेक्टेट सभागार में जनपद में निराश्रित/बेसहारा गोवशों को गौआश्रय स्थल में संरक्षित एवं उनके भरण पोषण की व्यवस्था हेतु जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक ली। सभी गोवशांे का शतप्रतिशत ईयरटैगिंग कराने के निर्देश दिये। 43 अस्थाई, 10 कान्हा एवं 05 बृहद गौशालाओं की समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिये कि सभी गौशालाओं में गर्मी एवं लू के दृष्टिगत सभी प्रकार के बचाव प्रबंधन को सुनिश्चित किया जाये। बोरी, टाट, पानी, चारा, रखरखाव, शेड आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, जिससे गोवंशों को किसी प्रकार की परेशानी न आये। श्री खरे ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन गौशालाओं में क्षमता के अनुसार कम गोवंश संरक्षित हैं उन गौशालाओं में और गोवंश लाया जाये। एक विशेष अभियान चलाकर गौशालाओं में अधिकाधिक बेसहारा गोवंशों को संरक्षित कराने का कार्य किया जाये, जिसके लिए प्रधान, सचिव, पशु चिकित्साधिकारी, ईओ, बीडीओ तथा उप जिलाधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए उक्त अभियान को सफल बनायें। जिलाधिकारी ने भूसा की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि भूसादान हेतु ग्रामों में चैपाल लगायें और संबंधित पशु चिकित्साधिकारी स्वयं लेखपाल, प्रधान व सचिवों के सहयोग से आमजनमानस को भूसादान हेतु प्रेरित करें और जन जन को इस अभियान में जोड़ें। गौशालाओं में हरे चारे हेतु की गई खेती के संबंध में जानकारी प्राप्त की और उप जिलाधिकारी व बीडीओ को निर्देश दिये कि जिन गौशालाओं में हरे चारे की उगाने की व्यवस्था नहीं हैं, उनमें चारागाह, ऊसर आदि जमीनों को प्रयोग करते हुए हरा चारे की खेती की जाये। जिन सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा है उनकी सूची बनाकर कब्जा मुक्त कराया जाये और संबंधित कब्जाधारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लायी जाये। जिन न्याय पंचायतों में नई जमीनों में नई गौशालायें बननी हैं, उनका बीडीओ द्वारा भौतिक निरीक्षण कर लिया जाये। 24 नई गौशालायें उन न्याय पंचायतों में बननी हैं जिन न्याय पंचायतों में एक भी गौशाला नहीं हैं। उक्त कार्य को जिलाधिकारी ने 15 जून 2023 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। जनपद में पशुओं की स्वास्थ्य सुविधायें हेतु 08 मोबाइल वेटेनरी यूनिट लगातार कार्य कर रही है, जो निरंतर विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सूचना मिलने पर स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करती है। जनपद में पशुओं के इलाज हेतु आप टोलफ्री नम्बर-1962 पर संपर्क कर सकते हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, अपर जिलाधिकारी प्रशासन विजय शंकर दूबे, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व योगानन्द पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विपिन गर्ग, जिला पंचायत राज अधिकारी किरन चैधरी, सभी उप जिलाधिकारी, बीडीओ सहित आदि विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे। 7455095736

ByVijay Singhal

May 9, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल ने
मथुरा। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, संकल्प जनपद न्यायाधीश, मूर्तः श्री आशीष गर्ग के निर्देशानुसार आज दिनांक 09.05.2023 को जिला कारागार, विशेष रूप से सतर्कता सतर्कता श्रीमती नीरू शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्णय लिया गया गया। इस मौके पर जिला कारागार मुथ की उप जेलर सुश्री करुणेश कुमारी व श्री अनूप कुमार, बंदी पराविधिक स्वयंसेवकगण आदि उपस्थित रहे। जिला करागार मुथरा में आज अवलोकन के दौरान कुल 1570 बंधन निरूद्ध होना पाया गया। जिला कारागार पाकशाला का निरीक्षण पाकशाला में बंदियों द्वारा प्रात: काल का भोजन तैयार किया जा रहा था, जिसमें रोटी, उर्द की दाल और पालक की सब्जी बनाना पाया गया। सचिव महाजन द्वारा जेल में निरुद्ध बंदियों को रिहा किए जाने के लिए ‘बैरक टू बैरक’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके तहत सचिव महोदय द्वारा जेल परिसर में बनी बैरक संख्या 12,13 व 14 की राय ली गई जिसमें निरुद्ध बंदियों से उनके प्रकरण एवं जमानत शामिल हैं स्थिति के संदर्भ में व्यक्तिगत बातचीत की गई। इसके अलावा उन्हें मुफ्त वकील के बारे में भी बताया गया। ऐसे बंदियों की सूची भी तैयार की गई जमानत तो हो गई है, उनका पास जमानत ना होने के कारण वह जेल में निरुद्ध हैं या कोर्ट में पेशी नहीं आ रही है। इसके अतिरिक्त ऐसे बंदियों की सूची तैयार की गई जिसे आज न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया और उच्च न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वर्तमान में जेल में निरूद्ध बंदियों को एल0ई0डी0 बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा जेल में कपड़े बनाने का काम भी बंदियों द्वारा किया जाता है। महिला बंदियों का ज़िला कारागार की महिला बैरक में प्राथक से चिकित्सा केंद्र बनाया गया है, जिसमें एक महिला चिकित्सक और दो नर्सों द्वारा सप्ताह में एक दिन महिला बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,मथुरा द्वारा महिला बैरक में निरुद्ध महिला बंदियों से बातचीत की गई और उनके प्रकरणों की जानकारी ली गई। इसके अलावा महिला बंदियों ने बताया कि उनके साथ रह रहे हैं 11 बच्चेचो को जेल प्रशासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में पोषण का पता लगाया जा रहा है। उपस्थिति के दौरान बंदियों से नि:शुल्क न्यायिक सहायता वकील से संबंधित जानकारी ली गई, बुराइयों द्वारा बताया गया कि सभी के पास उनके व्यक्तिगत/सरकारी वकील मौजूद हैं बंदियों द्वारा खाने-पीने की कोई समस्या नहीं बताई गई। इसके अलावा सचिव महाजन द्वारा जेल लोक अदालत के मामले में कहा गया है कि छोटे मुकदमों को जेल लोक अदालत के माध्यम से जुर्म एकबाल करते हुए समाप्त किया जा सकता है जिसका लाभ जेल में निरूद्ध बंदियों द्वारा दायर किया जा रहा है और जेल लोक अदालत में भी किया जा रहा है पत्रावली लगवाए जाने के लिए बाध्य लोगों को भी प्रेरित किया गया।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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