हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ठाकुरजी बांकेबिहारी को भी गर्मी से राहत देने को मंदिर सेवायत तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं। फूलों का बंगला सजाकर ठाकुरजी को राहत देने की कोशिश की जा रही है। तो भोगराग सेवा में भी तरल पदार्थों की मात्रा इसलिए बढ़ा दी गई है कि गर्मी से राहत मिल सके। दूध, दही से बने व्यंजन ठाकुरजी की थाली में परोसे जा रहे हैं। ठंडाई का भोग भी विशेष रूप से लगाया जा रहा है। ताकि ठाकुरजी पर गर्मी के ताप का प्रभाव न पड़ सके। ठाकुरजी को हल्के कपड़ों की पोशाक भी धारण कराई जा रही है। उनकी भोगराग सेवा में अब परिवर्तन हो गया है। सुबह और शाम ठाकुरजी को ठंडाई विशेष रूप से परोसी जा रही है। मंदिर सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी के अनुसार ठा. बांकेबिहारीजी को सुबह बालभोग में और शाम को उत्थापन भोग में दही से बने व्यंजन और ठंडाई अर्पित कर रहे हैं। ताकि गर्मी से ठाकुरजी को राहत मिल सके। इसके साथ ही उनके भोग में दूध-दही से बने पदार्थों की मात्रा बढ़ा दी गई है। अब दोपहर को राजभोग में दही, खीर, दूधभात, दही बड़ा के अलावा भोग में किसमिस की मात्रा बढ़ाई गई है।। शाम को उत्थापन भोग में दही बड़ा, पकौड़े और ठंडाई परोसी जा रही है। रात को शयनभोग के बाद जो दूध अर्पित किया जाता है, उसमें केसर की मात्रा कम की गई है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक शनिवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। सुबह साढ़े दस बजे स्वजनों के साथ पहुंचीं नम्रता पाठक ने फूल बंगला में विराजित ठा. बांकेबिहारी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मंदिर सेवायत ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी ने पूजा संपन्न कराई। इसके बाद वे रवाना हो गईं। पांच दिवसीय वैशाख पूर्णिमा मेला की थकान मिटाने को सेवायत गिरिराजजी की सेवा में जुटे हैं। भक्त और भगवान के रिश्ते की डोर को मजबूती प्रदान करते भाव के इन पलों के तमाम लोग साक्षी बने। प्रभु का रबड़ी गंगाजल से अभिषेक तो इत्र से जमकर मालिश की गई।शनिवार को मुकुट मुखारविंद मंदिर सेवायत सौरव शर्मा ने गिरिराजजी का रबड़ी और मानसीगंगा से जल से प्रभु का अभिषेक किया। ठा. बांकेबिहारी के अलावा राधावल्लभ मंदिर, राधारमण, राधादामोदर, राधाश्यामसुंदर, गोविंददेव, गोपीनाथ, मदनमोहन समेत सभी मंदिर और आश्रमों में ठाकुरजी को इन दिनों भोग में दूध-दही से बने व्यंजनों की मात्रा बढ़ाई गई है। सूखे मेवा की मात्रा में कमी कर दी गई है। ठाकुरजी को ठंडाई विशेष रूप से परोसी जा रही है।
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Author: Vijay Singhal
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