हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मन में आराध्य के दर्शन की तमन्ना लिए पुण्य लाभ कमाने की चाहत में आने वाले छह श्रद्धालुओं को दो साल में मौत नसीब हो चुकी है। हर दफा पुलिस-प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा होता है और वह किसी व किसी कारण से फेल हो जाती हैं। पहले तो पुलिस-प्रशासन कॉरिडोर का मामला हाईकोर्ट में लंबित होने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लेता था, मगर अब हाईकोर्ट ने भी कॉरिडोर निर्माण को मंजूरी दे दी है। एक माह से अधिक समय आदेश को आए हुए हो गया है, मगर अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर कब से कॉरिडोर बनना शुरू होगा। ऐसे में सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर कब तक भीड़ के चलते बदइंतजामी पर यूं ही जानें जाती रहेंगी। रविवार को हुईं तो मौतों का कारण बेशक पुलिस तबीयत बिगड़ने का बता रही है, मगर मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ को काबू करने में पुलिस-प्रशासन की व्यवस्थाएं फेल हो गईं थीं। रविवार को बीना गुप्ता (70) पत्नी ओम प्रकाश गुप्ता निवासी गंज बाजार, महोली, सीतापुर और मंजू मिश्रा (58) पत्नी भोलेनाथ मिश्रा निवासी अधारताल, जबलपुर, मध्य प्रदेश की मौत मंदिर मार्ग पर हुई। इससे पूर्व वर्ष 2022 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मंगला आरती के दौरान ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भगदड़ मचने से नोएडा निवासी निर्मला देवी और वृंदावन के रुक्मिणी विहार निवासी रामप्रसाद विश्वकर्मा की मृत्यु हो गई थी। जबकि एक दर्जन से अधिक की तबीयत बिगड़ गई थी। इससे पूर्व श्रीबांके बिहारी मंदिर में 12 फरवरी 2022 को गोवर्धन रोड स्थित आनंद लोक काॅलोनी निवासी लक्ष्मण सिंह की बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ में दम घुटने से मृत्यु हो गई। इसके एक माह बाद ही 12 मार्च 2022 को मुंबई की सतनाम सोसाइटी निवासी मधु अग्रवाल की भी भीड़ में दम घुटने से मृत्यु हुई थी। सन 1864 में स्थापित श्रीबांकेबिहारी मंदिर में वर्तमान में हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करते हैं। शनिवार और रविवार को यह संख्या एक लाख के पार होती है। विशेष त्योहारों पर तो पांच लाख से अधिक श्रद्धालु एक दिन में यहां आ जाते हैं। बीती श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर पुलिस का आकलन 50 लाख का था। जबकि मंदिर परिसर के भीतर चौक का एरिया 48 वाई 48 फुट का है, जिसमें एक समय में महज एक हजार के करीब लोग ही आ पाते हैं। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण बड़ी चुनौती साबित होती है। बांके बिहारी का कॉरिडोर बनने के बाद 10 हजार लोग एक साथ दर्शन कर सकते हैं। मथुरा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 नवंबर को ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के कॉरिडोर निर्माण का रास्ता साफ करते हुए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत दी, मगर हाईकोर्ट के आदेश के एक माह बाद भी धरातल पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। स्थानीय प्रशासन शासन की गाइडलाइन का इंतजार कर रहा है। श्रीबांकेबिहारी प्रोजेक्ट को लेकर अभी तक कमेटी का भी गठन नहीं हो सका है। इधर, भीड़ प्रबंधन को लेकर मंदिर के भीतर व बाहर किए गए इंतजाम भी फेल हो गए हैं। ऐसे में नव वर्ष से मकर संक्रांति तक बांके बिहारी के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को कैसे काबू किया जाएगा यह बड़ा सवाल है। कॉरिडोर बिहारीजी मंदिर के सामने 5.65 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित है, जो जमीन की भौगोलिक स्थिति के चलते दो हिस्सों में होगा। इसे विद्यापीठ और परिक्रमा मार्ग से जोड़ा गया है। प्रस्तावित कॉरिडोर में बिहारी जी के भक्तों की प्रत्येक सुविधा का ध्यान रखा गया है। इसमें एक साथ 10 हजार लोगों की मौजूदगी हो सकेगी। इस पर करीब 505 करोड़ रुपये के खर्च का आकलन किया गया है, जिसके लिए करीब 276 से अधिक दुकान और मकानों का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 149 आवासीय, 66 व्यावसायिक, 57 मिश्रित भवन हैं।
