हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ पाने के लिए आवेदकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हाल यह है कि 6 माह में ही तय लक्ष्य से 13 गुना से अ धिक आवेदन आ चुके हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक आवेदनों की बढ़ती संख्या देखकर सरकार की ओर से लक्ष्य बढ़ाया जा सकता है। 17 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री की ओर से पीएम विश्वकर्मा योजना लागू की गई थी। चालू वित्तीय वर्ष 2024- 25 में केंद्र सरकार से उद्योग विभाग को 1500 पात्रों का लाभ देने का लक्ष्य जारी किया है। योजना के तहत अब तक करीब 20 हजार लोगों के आवेदन आ चुके हैं। योजना में 18 व्यवसायों में काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को शामिल किया गया है। जिसमें सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तोड़ने वाला, मोची, बढ़ई, नाव निर्माता, शस्त्रकार, लोहार, हथौड़ा और औजार निर्माता, ताला बनाने वाले समेत अन्य हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग ग्राम प्रधान और नगरीय क्षेत्र में रहने वाले लोग निकायों में आवेदन करते हैं। पहले चरण में प्रधान आवेदनों को बीडीओ के पास भेजते हैं। दूसरे चरण में आवेदन उद्योग विभाग के पास पहुंचते है। इसके बाद केंद्र सरकार को भेजे जाते हैं। पात्र और अपात्र का अंतिम निर्णय वहीं से लिया जाता है।
प्रशिक्षण के बाद मिलता है एक लाख का लोन
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में चयनित होने के बाद पात्रों को संबंधित ट्रेड की टूलकिट वितरित की जाती है। पहली बार पांच प्रतिशत ब्याज की दर पर एक लाख रुपये का लोन दिया जाता है। 18 माह में लोन की अदायगी कर देने पर पात्र को 30 माह के लिए दो लाख का ऋण दिया जाता है, जिससे रोजगार करने में आर्थिक तौर पर उन्हें मजबूती मिल सके। बीडीओ और ईओ की ओर से उद्योग विभाग के पास 20 हजार आवेदन भेजे गए थे। विभाग ने ये आवेदन केंद्र सरकार के एमएसएमई विभाग में भेज दिए। इसमें से 18200 आवेदनों को अलग-अलग वजहों से निरस्त कर दिया गया है। वहीं 1800 आवेदनों को स्वीकृत मिली है। इसके बाद एक सप्ताह का प्रशिक्षण होगा। रामेंद्र कुमार, उपायुक्त उद्योग ने कहा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा में 18 ट्रेड के तहत पात्रों को लाभ दिया जाता है। अब तक लक्ष्य से 13 गुना ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। बदली स्थिति को देखते हुए संभावना है कि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को लाभ देने के लिए लक्ष्य बढ़ाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में चयनित होने के बाद पात्रों को संबंधित ट्रेड की टूलकिट वितरित की जाती है। पहली बार पांच प्रतिशत ब्याज की दर पर एक लाख रुपये का लोन दिया जाता है। 18 माह में लोन की अदायगी कर देने पर पात्र को 30 माह के लिए दो लाख का ऋण दिया जाता है, जिससे रोजगार करने में आर्थिक तौर पर उन्हें मजबूती मिल सके। बीडीओ और ईओ की ओर से उद्योग विभाग के पास 20 हजार आवेदन भेजे गए थे। विभाग ने ये आवेदन केंद्र सरकार के एमएसएमई विभाग में भेज दिए। इसमें से 18200 आवेदनों को अलग-अलग वजहों से निरस्त कर दिया गया है। वहीं 1800 आवेदनों को स्वीकृत मिली है। इसके बाद एक सप्ताह का प्रशिक्षण होगा। रामेंद्र कुमार, उपायुक्त उद्योग ने कहा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा में 18 ट्रेड के तहत पात्रों को लाभ दिया जाता है। अब तक लक्ष्य से 13 गुना ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। बदली स्थिति को देखते हुए संभावना है कि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को लाभ देने के लिए लक्ष्य बढ़ाया जा सकता है।
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Author: Vijay Singhal
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