हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। भजनों की सुरमयी धारा में राधा-कृष्ण के प्रेम का रस घुला तो ब्रज लोककला की मनमोहक छटा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। धौली प्याऊ रेलवे मैदान में रविवार को ब्रजरज उत्सव की शाम भक्ति, संगीत और संस्कृति के नाम रही। रसिक वैष्णव के ‘ब्रज रस’ भजन कॉन्सर्ट ने ऐसा भक्तिमय समां बांधा कि श्रोता सुरों के साथ झूम उठे। भजनों में राधा-कृष्ण की प्रेममयी लीलाओं की झलक मिली तो पूरा वातावरण ब्रज की आध्यात्मिक परंपरा के रंग में रंगा नजर आया। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित उत्सव के तीसरे दिन संगीत की प्रस्तुतियों ने मंच को जीवंत बना दिया। रसिक वैष्णव ने अपने भजनों, मन चल रे वृंदावन धाम राधे-राधे गाएंगे श्यामा-श्यामा गाएंगे और आपकी कृपा से मेरा सब काम हो रहा है…के जरिये ब्रज की भक्ति भावना को स्वर दिए। मधुर धुनों और भावपूर्ण गायन ने श्रोताओं को भावविभोर किया। हर प्रस्तुति के साथ मैदान में मौजूद लोगों के बीच उत्साह और भक्तिभाव का अनूठा संगम दिखाई दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत से ही मंच पर विविध कलाओं की छटा बिखरती रही। ब्रज की ख्यातिप्राप्त कलाकार वंदनाश्री ने शास्त्रीय नृत्य और पारंपरिक भजनों के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को साकार किया। उनकी भावपूर्ण अदाओं और लयबद्ध प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। रीना शर्मा ने नृत्य एवं गायन से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जबकि मोहनी कृष्ण दासी के भजनों ने वातावरण में भक्ति की मिठास घोल दी।
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मथुरा में राधा-कृष्ण के प्रेम का सुरों में घुला रस
