हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बदलते मौसम में बुजुर्ग ही नहीं अब युवा भी अस्थमा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मौसम के बदलाव के साथ ही वायु प्रदूषण इस बीमारी का बड़ा कारण बताया जा रहा है। जिला अस्पताल में हर दिन सामने आ रहे मरीजों को डॉक्टर धूम्रपान से बचने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल के डाॅ. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि अस्पताल में बुजुर्ग ही नहीं युवा भी अस्थमा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। प्रतिदिन 25 से 30 युवा मरीज सामने आ रहे हैं। इन मरीजों की उम्र 15 से 30 वर्ष के लगभग है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम में बलगम ज्यादा बनता है और सांस लेने वाली नलियां सकरी हो जाती हैं। संक्रमण के कारण नली में सूजन आ जाती है। इसलिए सांस नली में बलगम चले जाने और फेफड़ों में बलगम जमा हो जाने से सांस लेने में दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि इसकी अनदेखी करने से यह परेशानी अस्थमा के रूप में सामने आती है। इसके अलावा किसी परिवार के सदस्य को पहले से अस्थमा होने पर उस परिवार के अन्य सदस्य को तीन से छह गुना ज्यादा यह बीमारी होने की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा धूल, धूआं, धूम्रपान, वायु प्रदूषण के प्रभाव से, मोटापे से भी अस्थमा हो सकता है। डाॅक्टर सिद्धार्थ ने बताया कि वायरल रेस्प्रेटरी संक्रमण की वजह से अस्थमा होने की संभावना बनी रहती है।
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Author: Vijay Singhal
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