हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। साइबर अपराधियों की इस नई ट्रिक ने पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। ठगी के इस नए सिंडिकेट का काम करने का तरीका बेहद शातिर है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन गेम का विज्ञापन देकर लोगों को लुभाया जाता है। गेम खेलने की फीस महज 50 रुपये रखी जाती है। जब कोई खिलाड़ी 50 रुपये डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर करता है, तो साइबर ठगों के पास यह साफ-सुथरी और लीगल रकम पहुंचती है। इसके बाद खिलाड़ी के जीतने पर पुरस्कार के तौर पर 800 से एक हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। खिलाड़ी के पास जो जीत की राशि पहुंचती है, वह असल में किसी के खाते से उड़ाई गई रकम होती है। इस तरह ठग अवैध पैसों को कई खातों में बांट देते हैं, जिससे पुलिस जांच की दिशा भटक जाती है। इस पूरे प्रकरण का खुलासा मथुरा साइबर सेल के ऑनलाइन ठगी की शिकायत की पड़ताल के दौरान हुआ। एक प्रकरण में सामने आया कि पीड़ित के खाते से उड़ाई गई रकम को कई छोटे-छोटे हिस्सों में अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है। जब पुलिस खातों के पते पर पहुंची तो वहां कोई हेयर सैलून चलाने वाला, तो कोई अंडे की ढकेल लगाने वाला या दिहाड़ी मजदूर निकला। इन लोगों की आर्थिक स्थिति देखकर पुलिस अधिकारियों को शक हुआ। कड़ी पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि उन्होंने केवल 50 रुपये लगाकर गेम खेला था और जीतने पर उनके पास यह पैसा आया था। उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वे जाने-अनजाने में किसी साइबर अपराध का हिस्सा बन रहे हैं। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि अब साइबर ठग ऑनलाइन गेमिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। वह फ्रॉड के रुपयों से जीत की राशि को गेम खेलने वाले के खाते में ट्रांसफर करते हैं। ऐसे मामले सामने आने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे किसी भी लुभावने गेमिंग ऐप या लिंक के झांसे में न आएं। कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच आपको किसी बड़े कानूनी झमेले में फंसा सकता है। किसी भी अज्ञात लिंक पर पैसे ट्रांसफर न करें और न ही जीत के लालच में अनजान स्रोतों से अपने खाते में पैसे प्राप्त करें।
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Author: Vijay Singhal
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