हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में नौहझील थाना क्षेत्र के अवाखेड़ा व बाघई निवासी तीन युवकों की मौत की सूचना मिलते ही उनके परिवारों में मातम पसर गया। महिलाएं विलाप करने लगीं। आस-पड़ोस में चूल्हे नहीं जले। सांत्वना देने के लिए रिश्तेदारों और ग्रामीणों का तांता लगा रहा। शाम छह बजे अलीगढ़ से शव लाकर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अवाखेड़ा निवासी पुष्पेंद्र सिंह (27) पुत्र सुग्रीव सिंह व पुष्पेंद्र चौधरी (28) पुत्र भाव सिंह और प्रवीण उर्फ पवन (26) पुत्र मुकेश चौधरी व धर्मवीर पुत्र वीरेन्द्र सिंह निवासी बाघई (कटैलिया) जेवर एयरपोर्ट पर नौकरी करते थे। चारों युवक दो बाइक पर सुबह अपने-अपने घरों से रवाना होकर वाया यमुना एक्सप्रेस-वे जेवर एयरपोर्ट साइट पर जा रहे थे। तभी दो कारों की भिड़ंत हो गई। यह देख चारों युवक बचाव कार्य में जुट गए। धर्मवीर ने कार में से मासूम बच्ची को बाहर निकाल लिया था। वह साइड में खड़ा था जबकि पुष्पेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र चौधरी और पवन चौधरी कार में फंसी महिला को बाहर निकाल रहे थे। इसी बीच पीछे से आ रही बस ने तीनों को रौंद दिया। बुझ गया घर का इकलौता चिराग बचाव कार्य के दौरान हादसे में जान गंवाने वाला पुष्पेंद्र पुत्र भाव सिंह की शादी छह साल पहले हुई थी। वह तीन बहनों में अकेला भाई थी। शादी के बाद उसकी पत्नी को भी कोई बच्चा नहीं हुआ था। इस हादसे के बाद पुष्पेंद्र के रूप में परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया। अब उसकी पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता ही बचे हैं। शव के साथ जले बेटे के विवाह के अरमान पुष्पेंद्र पुत्र सुग्रीव पांच भाई बहनों में चौथे नंबर का था। उसका एक बड़ा भाई अहमदाबाद में इंजीनियर है। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। अब परिवार वाले पुष्पेंद्र की शादी की तैयारी कर रहे थे। मगर, हादसे ने उनके अरमानों पर ग्रहण लगा दिया। गांव बाघई का धर्मवीर पुत्र वीरेंद्र सिंह दुर्घटनाग्रस्त कार में फंसी मासूम बच्ची को बाहर निकालने में सफल हो गया था। वह बच्ची को बाहर निकाल फुटपाथ की ओर गया ही था कि कार से महिला और पुरुष को निकालने में जुटे उसके दोस्तों को बस ने रौंद दिया। धर्मवीर की आंखों के सामने उसके तीन साथियों की मौत हो गई। इस घटना के बाद वह बदहवास हो गया। शाम को घर आने पर उसकी तबीयत बिगड़ गई। हादसे के बाद से दोनों गांवों के लोग शोक में हैं। सुबह सूचना मिलने के साथ ही लोग अलीगढ़ पहुंचे। शवों को गांव लाकर अंतिम संस्कार किया गया।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
