हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन, पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद अब हथिनीकुंड बैराज से यमुना जल छोड़ दिया गया है। ऐसे में यमुना में लगातार जलस्तर में वृद्धि हो रही है। एक ही दिन में 57 सेमी यमुना जलस्तर वृद्धि हुई। सोमवार को जलस्तर जहां 163.90 था, वहीं मंगलवार को यह 164.47 पर जा पहुंचा। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में बसे लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। पिछले वर्ष यमुना के जलस्तर ने यमुना किनारे खादर की दो दर्जन कालोनियों, परिक्रमा मार्ग समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों को अपने आगोश में ले लिया था। इसी लिए एकबार फिर तटीय लोगों की रात की नींद उड़ गई है, उन्हें भय सताने लगा है कि रात में सोते हुए उनके घरों के आसपास यमुना का पानी न पहुंच जाए। पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश अब मैदानी क्षेत्राें के लिए मुसीबत बनती जा रही है। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया 50 हजार क्यूसेक पानी अब धर्मनगरी वृंदावन पहुंच चुका है। ऐसे में यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि हाे रही है और मंगलवार को केशीघाट की कई सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। बावजूद इसके प्रशासन ने अब कोई भी सुध नहीं ली है। यमुना किनारे बसी लगभग दो दर्जन कालोनियों के निवासियों की चिंता बढ़ गई है। यमुना किनारे खादर में बाराह घाट से लेकर चामुंडा कालोनी तक लगभग दस हजार घरों के लोगों में एकबार फिर दहशत का माहौल बन रहा है। उन्हें भय सता रहा है कि जलस्तर में इसी तरह लगातार वृद्धि होती रही तो उनके घरों में भी यमुना का पानी पहुंच जाएगा और उन्हें फिर से अपने घरों को छोड़कर शिविरों में जीवन गुजारने को मजबूर होना पड़ेगा। पिछले वर्ष भी मानसून के दौरान यमुना में हुई जलवृद्धि के कारण यमुना खादर में बसी सभी कालोनियां जलमग्न हो गई थीं और यहां रहने वाले लोगों को अपने घर छोड़कर शिविरों में जीवन यापन करना पड़ा था। जबकि बाराहघाट से लेकर पानीघाट और चामुंडा कालोनी तक पंचकोसीय परिक्रमा भी यमुना के जल से लबालब हो गई थी और आवागमन के लिए लोगों ने स्टीमर और नाव का उपयोग किया था।
