हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बदलते मौसम में आंखों का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी इससे संक्रमित हो रहे हैं। इसके चलते अनेक स्कूलों ने आई फ्लू से पीड़ित बच्चों को स्कूल न भेजने के लिए अभिभावकों को मैसेज कर दिए हैं। ताकि इसे अन्य बच्चों में फैलने से रोका जा सके। वहीं जिला अस्पताल में भी आई फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बारिश के बाद परिवर्तित हुए मौसम के कारण जिले में आंखों का संक्रमण (कंजक्टिवाइटिस) तेजी से फैल रहा है। संक्रमण के कारण लोग आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके चलते जिला अस्पताल सहित अन्य निजी अस्पतालों में भी संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। आम दिनों में जिला अस्पताल की नेत्र ओपीडी 50 से 60 रोगियों की थी। जबकि अब यह बढ़कर 150 से अधिक पहुंच गई है। मंगलवार को भी 200 से अधिक रोगी अपनी आंखों की जांच कराने के लिए पहुंचे। इनमें से 130 से 150 रोगी आई फ्लू से पीड़ित थे। यह संक्रमण तेजी से बच्चों में भी फैल रहा है। इसका कारण है कि बच्चे इससे बचने के लिए आवश्यक सावधानियां नहीं अपना पाते। इससे बचने के लिए अब विद्यालय प्रबंधन ने सभी अभिभावकों को मैसेज करना शुरू कर दिया है कि यदि उनका बच्चा आई फ्लू से पीड़ित है तो उसे विद्यालय न भेजा जाए। कान्हा माखन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल यदुवंशी ने बताया कि विद्यालय द्वारा सभी अभिभावकों को मैसेज करा दिया गया है कि वह अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। उन्हें आई फ्लू है तो कृपया उन्हें विद्यालय न भेजें। महाराजा अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. राधा भारद्वाज ने कहा कि जिन छात्राओं को आई फ्लू की समस्या थी, उन्हें घर रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए कहा गया है। ताकि अन्य छात्राओं को इससे बचाया जा सके। अभिभावकों को भी सजग किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुकुंद बंसल ने बताया कि जिला अस्पताल में तीन नेत्र चिकित्सक नेत्र रोगियों की ओपीडी कर रहे हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए 10 हजार आई ड्रॉप मंगा ली गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बताया कि सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर समुचित मात्रा में आई ड्रॉप उपलब्ध करा दी गई है।
