हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बदलते मौसम में जिला अस्पताल में अस्थमा के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। दो सप्ताह पहले तक जहां करीब 70-80 मरीज आ रहे थे वहीं अब इनकी संख्या 110 से अधिक पहुंच रही है। बुजुर्ग ही नहीं युवा भी अस्थमा के शिकार हो रहे हैं। चिकित्सक वायु प्रदूषण के साथ ही धूल और सिगरेट के धुएं को इसका मुख्य कारण बता रहे हैं। जिला अस्पताल में चेस्ट फिजिशियन डाॅ. रवि माहेश्वरी ने बताया कि अस्पताल में बुजुर्गों के साथ ही युवा भी अस्थमा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। प्रतिदिन करीब 20 से 30 युवा मरीज सामने आ रहे हैं। इन मरीजों की उम्र 16 से 40 वर्ष के लगभग है। बताया कि बदलते मौसम में ज्यादा बलगम बनता है और सांस लेने वाली नलियों में संक्रमण के कारण नली में सूजन आ जाती है। इसलिए सांस नली में बलगम चले जाने और फेफड़ों में बलगम जमा हो जाने से सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके अलावा किसी परिवार के सदस्य को पहले से अस्थमा होने पर उस परिवार के अन्य सदस्य को तीन से छह गुना ज्यादा यह बीमारी होने की संभावना बनी रहती है। धूल, धुआं, धूम्रपान, वायु प्रदूषण के कारण और मोटापे से भी अस्थमा हो सकता है। सांस लेने में दिक्कत होना, सीने में दर्द उठना, फेफड़ों में कफ का जमा हो जाना, सीने से घरघराहट की आवाज (वीजिंग साउंड) आना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
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Author: Vijay Singhal
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