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पौराणिक स्वरूप में सवरेंगे श्रीजी की सखियों के मंदिर

ByVijay Singhal

May 27, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ब्रजभूमि के मठ-मंदिरों को पौराणिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही नए संपर्क मार्गों का भी निर्माण कराया जा रहा है। ताकि श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में आसानी हो सके। इसी के तहत राधारानी की अष्टसखियों के मंदिरों सौंदर्यीकरण होगा। साथ ही संपर्क मार्ग बढ़ाए जाएंगे। करीब 26 करोड़ रुपये से कार्य कराया जाएगा। दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और वृंदावन के बाद राधारानी की नगरी बरसाना में श्रद्धालुओं की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। ब्रह्मंचल पर्वत पर विराजमान राधारानी के मंदिर तक रोपवे की उपलब्धता ने श्रद्धालुओं के आकर्षण को और बढ़ा दिया है। बीते वर्ष 67.93 लाख श्रद्धालुओं ने श्रीजी के दर्शन किए थे। इसमें 70 हजार विदेश भक्त भी शामिल हैं। इस साल अब तक करीब 35 लाख श्रद्धालु बरसाना पहुंचे हैं, जबकि बीते वर्ष चार माह का आंकड़ा 28 लाख था। हर साल श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने राधारानी की अष्टसखियों के मंदिरों का सौंदर्यीकरण और संपर्क मार्ग निर्माण कराने की योजना बनाई है। बरसाना में न केवल राधा अष्टमी और लठामार होली पर श्रद्धालु आते हैं, बल्कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं। श्याम बहादुर सिंह, सीईओ, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने कहा, बरसाना के आसपास राधारानी की सखियों के गांव हैं। इन गांवों स्थित मंदिरों के लिए संपर्क मार्ग बनाए जाएंगे। साथ ही स्ट्रीट लाइट, साइन बोर्ड समेत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होगा। मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं के बैठने और पेयजल व्यवस्था की जाएगी। इस योजना पर करीब 26 करोड़ रुपये का खर्च जाएगा।
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Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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