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अचानक नहीं बदलेगा ट्रेन का प्लेटफार्म

ByVijay Singhal

May 26, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मुड़िया मेले की तैयारी रेलवे अधिकारियों ने शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रण कैसे किया जाए इस पर जंक्शन के अधिकारी विचार-विमर्श कर रहे हैं। इस बार ट्रेनों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे गोवर्धन भेजे जाने पर भी विचार हो रहा है। साथ ही अचानक से ट्रेन का प्लेटफार्म न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु ट्रेनों के माध्यम से परिक्रमा देने के लिए रेलवे जंक्शन पहुंचते हैं। यहां से सड़क मार्ग द्वारा श्रद्धालुओं को गोवर्धन भेजने की व्यवस्था रोडवेज द्वारा की जाती है। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर भगदड़ जैसे हालात न बनें इसे लेकर रेलवे अधिकारियों ने मंथन शुरू कर दिया है। कुंभ के दौरान दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे अधिकारी मुड़िया मेला में कोई जोखिम उठाना नहीं चाह रहे हैं। जिला स्तर पर मुड़िया मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बैठक में रेलवे अधिकारियों को भी बुलाया जा रहा है और उनसे व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव मांगे जा रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा रेलवे अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अचानक से किसी भी ट्रेन का प्लेटफार्म न बदला जाए। साथ ही स्पेशल ट्रेनों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे गोवर्धन रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया जाए। स्टेशन निदेशक एनपी सिंह ने बताया कि मेला स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधे गोवर्धन भेजने की बात है, लेकिन इसमें कई तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। उन्होंने बताया कि मुड़िया मेला पर पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किए जाने पर विचार चल रहा है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। मेला स्पेशल ट्रेनें चलाए जाने का प्रस्ताव भी अधिकारियों को भेजा गया है।

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Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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