हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट मथुरा कोर्ट पहुंच गया जहां ट्रस्ट ने शाही ईदगाह की जमीन पर दावा करते हुए उसे ट्रस्ट की जमीन बताया। श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में दाखिल वाद में शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी और श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान को प्रतिवादी बनाया है। श्री कृष्ण जन्मस्थान शाही ईदगाह मामले में अब तक 17 वाद दाखिल किए जा चुके हैं। लेकिन यह पहला मौका है जब श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट ने वाद दाखिल किया है। केशव कटरा और श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट की तरफ से ट्रस्टी विनोद कुमार बिंदल और ओमप्रकाश सिंघल की तरफ से दाखिल किए गए वाद में 1968 के समझौते को अवैध बताते हुए शाही ईदगाह की जमीन को ट्रस्ट की जमीन बताया है। 1968 में श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट की तरफ से देखभाल कर रही श्री कृष्ण जन्म स्थान सेवा संघ ने मस्जिद कमेटी से एक समझौता किया। इस समझौते की 1973 व 1974 में डिक्री की गई। इस समझौते को गलत बताते हुए जमीन पर अपना दावा किया गया है। पक्षकार का कहना है कि 1968 में समझौता श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ने किया जिसको बदलकर श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान कर दिया। इसलिए यह समझौता गलत है। न्यायालय में मौजूद हिन्दू वादी नेता और श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि ठाकुर बाल कृष्ण केशव देव की ओर से न्यायालय में दावा दाखिल किया गया है। आज भी ट्रस्ट की जमीन पर बनी ईदगाह मस्जिद के आस-पास बने मकान आदि का टैक्स जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा ही दिया जाता है। खसरा खेवट खतौनी आदि में जन्मभूमि ट्रस्ट मालिक है। 137 साल से इस मामले में मुकदमे चले। एक भी जजमैंट ऐसा नहीं है जिसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को मालिक नहीं माना गया हो।
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