हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बी एस ए कॉलेज में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती व अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर -‘अहिंसा: वर्तमान परिदृश्य और प्रासंगिकता’- पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमे मुख्य अतिथि व वक्ता पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री पंडित श्याम सुंदर शर्मा व कार्यक्रम अध्यक्ष पूर्व सी डी ओ आर एस गौतम रहे।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शाश्त्री व बाबू शिवनाथ के चित्रों पर माल्यार्पण व दिप प्रज्वलन कर अपनी कृतज्ञता ज्ञापित की। तत्पश्चात प्राचार्य व कार्यक्रम संयोजक डॉ ललित मोहन शर्मा ने मुख्य अतिथि का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया व तुलसी का पौधा भेंट किया। इसी क्रम में डॉ के के कनोडिया ने श्री आर एस गौतम का साल पहना कर और तुलसी पौधे से स्वागत किया।
विषय प्रतिस्थापना करते हुए आनन्द त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में अपनी सत्य अहिंसा और प्रेम के सिद्धांतों के साथ गांधी कंही ज्यादा प्रासंगिक नजर आते है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि गांधी जी सत्य अहिंसा और प्रेम को न केवल व्यक्तिगत रूप में वरन देश समाज और वैश्विक व्यवस्था संचालन के मुख्य घटक के रूप में देखते थे। वे अंहिसा परमोधर्म के सिद्धान्त का आजीवन पालन करते रहे।
आर एस गौतम ने गांधी जी के सामाजिक व राजनैतिक दर्शन में अहिंसा की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि यदि विश्व आज गांधी जी के अहिंसा और प्रेम को समग्रता में समझे तो समश्याओ का हल खोजना आसान हो जाएगा।
प्राचार्य डॉ ललित मोहन शर्मा ने कहा कि गांधी जी को समग्रता व सम्पूर्णता में समझने के लिए आवश्यक है कि गांधी जी के शब्दों से ज्यादा उनके कार्यो व आचरण को देखने समझने की आवस्यकता है।आज शिक्षण क्षेत्र में गांधी के समग्र दर्शन की कंही ज्यादा प्रासंगिकता है क्योंकि सत्य और अहिंसा जैसे श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों से सुसज्जित छात्र
बेहतर और सहिष्णु दुनिया का निर्माण करेंगे।। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा संकाय विभागाध्यक्ष डॉ बी के गोस्वमी ने किया तथा महाविद्यलय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ एस के राय,डॉ बबिता अग्रवाल , डॉ एस के सिंह डॉ मुकेश शर्मा, डॉ बरखा अग्रवाल, डॉ संजय कटारिया डॉ विद्योत्तमा डॉ खुशवंत सिंह,डॉ रवीश शर्मा,डॉ वी पी राय ,डॉ यू के त्रिपाठी तथा महाविद्यलय के सभी प्रोफेसर व कर्मचारीगण उपथित रहे।
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Author: Vijay Singhal
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