श्रावण मास की पूर्णिमा 30 अगस्त को विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी केशव भवन सरस्वती कुंड संस्कृत भारती ब्रज प्रान्त कार्यालय पर हवन पूजन कर वैदिक विधि विधान से संस्कृत दिवस मनाया जाएगा जिसमें संस्कृत के विद्वानों का सम्मान किया जाएगा। 11 सितंबर से 17 सितंबर तक संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत विभिन्न प्रतियोगिताएं व गोष्ठियों और सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।17 सितंबर को विशाल जनपद सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा संस्कृत भाषा को जन जन तक पहुंचाने के लिए हम सभी को पूरी शक्ति के साथ जुटने की आवश्यकता है। बैठक में संस्कृत भारती ब्रज प्रान्त न्यास अध्यक्ष ओमप्रकाश बंसल,न्यास सचिव गंगाधर अरोड़ा, ब्रज प्रान्त मंत्री धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा जो कि हमारी सबसे प्राचीन भाषा है विश्व की सभी भाषाओं की जननी है हमारे प्राचीन धर्मग्रंथ भी संस्कृत भाषा में ही लिखे गए हैं उन सब को बचाने के लिए हमें संस्कृत भाषा को जन जन तक पहुंचाने की अति आवश्यकता है जिसके लिए सभी मिलकर वदतु संस्कृतं अभियान को ,और संस्कृत सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित सभी कार्यक्रमों को सफल बनाएं। बैठक में प्रान्तिय कार्यालय प्रमुख हरस्वरुप यादव, पत्राचार प्रमुख गणेश शंकर पाण्डेय, महानगर कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय आवा, प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी शास्त्री, सहमंत्री भगतसिंह, महिला शिक्षण प्रमुख आरती राजपूत, ममता जी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहै। बैठक की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने कहा कि संस्कृत भाषा को जन जन की भाषा बनाने का संस्कृत भारती का संकल्प है आज सम्पूर्ण विश्व में संस्कृत भाषा के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है विश्व के अनेक देशों में संस्कृत भाषा के भारतीय धर्मग्रंथों पर शोध कार्य किए जा रहे हैं। मथुरा जनपद में संस्कृत भाषा को जन जन की भाषा बनाने के उद्देश्य से अभियान चलाया जाएगा जिसके लिए 09 अगस्त को सायं 05 बजे केशव भवन सरस्वती कुंड पर बृहद बैठक आयोजित की गई है। प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी शास्त्री ने कहा कि वदतु संस्कृतं अभियान के अन्तर्गत संस्कृत भाषा का प्रचार प्रसार घर घर जाकर किया जाएगा। विशेषकर विद्यालयों में छात्र छात्राओं से से सम्पर्क कर संस्कृत भाषा के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक का शुभारंभ आरती राजपूत द्वारा ध्येय मंत्र से किया गया और समापन हरस्वरुप यादव द्वारा कल्याण मंत्र से किया गया। बैठक का संचालन महानगर सहमंत्री भगतसिंह द्वारा किया गया।
