हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन के वात्सल्य ग्राम की संचालिका साध्वी ऋतम्भरा ने कहा, ”सच सब जानते हैं। शत्रु पक्ष और विपक्ष भी जानता है। व्यक्तियों की गवाही पर भरोसा नहीं किया जाता है, लेकिन पत्थरों की गवाही को कैसे झुठलाओगे। पत्थर स्वयं अपनी गाथा कह रहे हैं। साध्वी ऋतम्भरा ने कहा, ”काशी कॉरिडोर के लोकार्पण के अवसर पर भव्य दृश्य था। भगवान शंकर का अभिषेक हो रहा था और भारी भरकम नंदी उनकी तरफ मुख करके बैठे हैं। इस सत्य को वही नहीं देख पाएगा, जो या तो अंधा है या फिर उल्लू जाति का है। क्योंकि वह प्रत्यक्ष दिखाई दे रहा है।” साध्वी ऋतम्भरा ने कहा, ”भगवान राम भारत की मर्यादा हैं तो भगवान कृष्ण भारत की प्रज्ञा। भगवान शिव हम सब की अंतिम यात्रा का पड़ाव हैं। तीनों के बिना सब अधूरे हैं। संतों ने तीनों धाम (अयोध्या, मथुरा और काशी) की मुक्ति का संकल्प लिया था। अयोध्या के लिए भारी संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन, अंत में कानून के रास्ते सत्य सबके सामने आया।’ श्री कृष्ण जन्म स्थान शाही ईदगाह मुद्दे पर साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि के साथ भी यही हुआ। आराध्यों की जन्मस्थली के पास ही यह पराभय युग के प्रतीक क्यों खड़े हुए हैं ये सब को दिखाई देता है, लेकिन राजनीति के अंधों को नहीं दिखाई देता। साध्वी ऋतम्भरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने वही कहा, जो सच है। ज्ञानवापी में ASI सर्वे का मंगलवार को 6वां दिन है। टीम गुंबद और व्यास तहखाने में सर्वे कर रही है। गुंबद की नक्काशी की कार्बन कॉपी तैयार की जा रही है। श्रृंगार गौरी की दीवार की जांच चल रही है। ASI ने परिसर में मिले आले की शैली कागजों पर उतारी। व्यास तहखाना में मिली कलाकृतियों, गुंबदों की सीढ़ियों के पास बने कलशनुमा कलाकृति की भी स्कैनिंग की। ASI ने टीम को 4 यूनिट में बांटा है। इसमें 3 यूनिट के 30 सदस्य तीनों गुंबद की 3D इमेजिंग और मैंपिग कर रहे हैं। इसके अलावा, व्यास तहखाने में मिले मलबे की भी ASI टीम जांच करेगी। 2 सितंबर तक ASI को अपनी सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में सब्मिट करनी हैं। वाराणसी में ज्ञानवापी का ASI सर्वे चल रहा है। इसी बीच हिंदू विचारक धर्म गुरु साध्वी ऋतम्भरा ने ज्ञानवापी पर कहा, ”यह जो सर्वे हो रहा है। इससे तथ्य और सत्य सामने आ जाएगा। जो लोग गलत जिद कर रहे हैं, वह जिद करना छोड़ दें। उनको जो मौका अयोध्या में था, जो उन्होंने छोड़ दिया। वह मौका अब काशी में है। मुस्लिम पक्ष को सौहार्द का परिचय देना चाहिए। नहीं तो जो हिंदू समाज का अधिकार है, वह तो उनको मिलेगा ही।
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Author: Vijay Singhal
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