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मथुरा के इन 2 गांवों में बस चुकी रोहिंग्याओं की घनी बस्ती, बना रखी है दुकान से लेकर मजार तक

ByVijay Singhal

Jul 28, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा जिले में छटीकरा के समीप हाईवे किनारे बसा अल्लैपुर व कोटा गांव। इन गांव के आसपास खेतों में रोहिंग्या की बड़ी बस्ती बस चुकी थी। अल्लैपुर को तो लोग रोहिंग्या का गांव कहने लगे थे। यहां किराए पर लिए खेत में रोहिंग्या के 35 और पड़ोसी गांव कोटा के एक खेत में 15 परिवार रहते थे। इन बस्ती में उन्होंने सारी सुविधा भी जुटा ली थी। यहां परचून की दुकान के साथ बांस से तैयार पाठशाला, मदरसा, वजूखाना व मस्जिद बनी हैं। झोपड़ी में ही नमाज पढ़ने की व्यवस्था है। इसे मस्जिद कहा जाता है। बाहर ही हाथ-पैर धोने के लिए वजूखाना बना है।
24 जुलाई को एटीएस के छापे के बाद 31 लोग जेल जा चुके हैं। महिलाएं और बच्चे ही बचे हैं। पाठशाला में अल्लैपुर गांव की एक युवती रोहिंग्या बच्चों को हिंदी व अंग्रेजी पढ़ाने आती थी। रोहिंग्या नूर मोहम्मद मदरसे में बच्चों को उर्दू तालीम देते थे। खेत मालिक ने ही पानी के लिए सबमर्सिबल पंप और बिजली आपूर्ति को तार भी डलवा दिए हैं। कुछ घरों में तो मनोरंजन के लिए टीवी तक लगी है। मोबाइल चार्ज की भी व्यवस्था कर रखी है। दो दिन पूर्व लखनऊ एटीएस व स्थानीय पुलिस ने यहां कार्रवाई कर 31 रोहिंग्या को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब यहां दो दर्जन के करीब महिलाएं व बच्चे ही बचे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद से ये परेशान हैं। कई बच्चे तो बीमार हैं, जिनके इलाज के लिए पैसा नहीं है। गांव अल्लैपुर नगर निगम में शामिल है। जैंत थाना क्षेत्र में आने वाले इस गांव के दिनेश गौतम ने करीब तीन-चार वर्ष पूर्व अपना 15 बीघा खेत म्यांमार निवासी रोहिंग्या को रहने के लिए 19 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दिया था। पहले रोहिंग्या की संख्या कम थी, बाद में स्थानीय अभिसूचना इकाई ने अन्य स्थानों पर टुकड़ों में रह रहे अन्य रोहिंग्या को भी यहीं बसा दिया। अल्लैपुर में करीब 35 से अधिक परिवार बस गए थे। यहां से करीब 100 मीटर दूर कोटा गांव के सीताराम के खेत में भी करीब 15 परिवार रह रहे थे। जिस कथित मस्जिद में नूर मोहम्मद तालीम देते थे। उस पर पुलिस ने छापा मारने के बाद ताला लगा दिया है। रोहिंग्या गांव में बच्चों के लिए अलग पाठशाला है। बड़े बच्चों को शिक्षा के लिए बांस से नया स्कूल तैयार हो रहा था। इसके पूरी तरह बनने से पहले ही छापा पड़ गया। यहां प्लास्टिक के शौचालय भी बनाए गए हैं। कुछ परिवार ने झोपड़ियों में पंखे व कूलर भी लगा रखे थे। मस्जिद, मदरसा, वजूखाना, पाठशाला में भी कूलर व पंखे रखे थे। एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया कि एटीएस की छापेमारी में गिरफ्तारी के दौरान रोहिंग्या के कब्जे से नौ मोबाइल और कई सिम मिले थे। इसकी काल डिटेल खंगाली जा रही है। एटीएस ये भी देख रही है कि सिम किस आइडी से ली गईं।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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