• Mon. Jun 29th, 2026

वृंदावन में दो दिवसीय रस उत्सव मेंनिधिवन में प्रसिद्ध कलाकार देंगे प्रस्तुति

ByVijay Singhal

Apr 29, 2023
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ब्रज संस्कृति संगीत समिति वृंदावन द्वारा आयोजित रसिक महापुरुष त्रिवेणी हरित्रयी रसोत्सव (स्वामी हरिदास, हित हरिवंश चंद्र महाप्रभु और हरिराम व्यास) एवं अंतर्राष्ट्रीय नृत्य फेस्टिवल के उपलक्ष में महारास नृत्य नाटिका एवं रसिक संतो की पद पदावली का गायन निधिवन राज में शनिवार और रविवार को किया जा रहा है। जिसमें सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका साधना सरगम, महालक्ष्मी अय्यर एवं सूफी भजन गायक जेएसआर मधुकर, भावना सखी, शशि सखी, लक्ष्य मधुकर,मयंक मधुकर भजन गाएंगे। इन भजनों पर पंडित बिरजू महाराज की शिष्या समीक्षा शर्मा अपने ग्रुप के साथ महारास नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी। प्रख्यात बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर साधना सरगम संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी और ठाकुर बांके बिहारी महाराज के सानिध्य में अनन्य रसिकों की पदावलियों के गायन को लेकर काफी रोमांचित हैं। शनिवार को निधिवनराज में ब्रज संस्कृति संगीत समिति के तत्वावधान में होने वाले संगीतमय भावांजलि समारोह में प्रस्तुति देने पहुंचीं साधना सरगम ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के निज धाम वृंदावन आना उनके लिए भाव जगत में अवगाहन करने जैसा है।
साधना सरगम ने बताया कि वह अपने संगीत साधना के काल में प्रथम बार ब्रज के रसिकाचार्यों की पदावली का गायन करेेंगी। यह कोई साधारण पद नहीं बल्कि भगवान का साक्षात्कार करने वाले संतो की अनुभूतियां है इन्हें गाना और इनके रियाज के दौरान उन्हें इसका आनन्द प्राप्त हुआ। वे स्वामी हरिदास, हित हरिवंश चंद्र महाप्रभु, हरिराम व्यास जी और आशुदाराम जैसे रसिकों की वाणियों का गायन करेंगी। जिसका रियाज उन्हें ब्रज रसिक भजन गायक मधुकर द्वारा कराया गया। इस दौरान साधना सरगम अपने कुछ लोकप्रिय भजनों का गायन भी करेंगी। उन्होंने माना कि शास्त्रीय संगीत स्वयं ही आराधना है, जो जीव को ईश्वर से जोड़ने का सर्वाधिक सशक्त, सरल और प्रभावी माध्यम है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाश्चात्य संगीत चाहे कितना भी बढ़ जाए किंतु शास्त्रीय संगीत जैसी रूमानियत, सुकून और प्रभाव नहीं ला सकता। इस अवसर पर प्रसिद्ध भजन गायक जेएसआर मधुकर, शशि सखी, भावना सखी, रिमझिम सखी, श्वेता सखी आदि मौजूद रहे।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.