हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मानसून पूर्व की तैयारियों में नगर निगम के अधिकारियों ने नालों की तलीझाड़ सफाई का लंबा अभियान चलाया, लेकिन बीते दो दिन की बारिश ने हकीकत बयां कर दी। कुछ भी बताने के लिए नहीं छोड़ा कि नालों की सफाई में किस कदर खानापूर्ति की गई थी। वही सड़कें, वहीं नाले और वही अधिकारी, जो वर्षों से शहर के हालत देख रहे हैं। फिर समस्या की जड़ पर क्यों नहीं काम किया। क्यों प्रमुख नालों और जिन नालों पर जगह-जगह लोगों ने कब्जे कर रखे हैं उन्हें उखाड़ फेंका जाता। नकारापन और रसूखदार लोगों पर मेहरबानी की वजह से बीते दो दिन से आम शहरी परेशान हैं। सड़कें लबालब होने से कारोबार ठप है और 10-10 मिनट का रास्ता घंटों में तय करना पड़ रहा है। शर्म छोड़कर आखिर सोमवार को बारिश के दौरान नगर आयुक्त अनुनय झा सड़कों पर उतरे, लेकिन सैलाब के आगे कौन क्या कर सकता है, जो काम समय पर हो जाना चाहिए था, वो नहीं होने से ही तो ऐसी नौबत आई। घंटे भर की बारिश से हाइवे की दोनों सर्विस रोड, गोवर्धन चौराहे से नए बस स्टैंड, हाईव से महौली रोड के अलावा सभी अंडर पास लबालब हो गए। बीएसए काॅलेज रोड पर तो मानों नदी बह रही थी। रोड के दोनों तरफ के इलाकों में पानी यूं आ रहा था जैसा किसी बांध के फाटक खोल दिए हों। उन क्षेत्रों की तमाम गंदगी बहकर सड़क पर आ चुकी थी। दुपहिया बंद थे, लोगों की कमर तक पानी और पीछे चौपहिया वाहनों की लंबी कतार। नए और पुराने बस स्टैंड सहित भूतेश्वर रेलवे पुल के नीचे तो आलम यह था कि रोडवेज बसों सहित अनेक छोटे वाहन फंस गए। नगर आयुक्त ने नए बस स्टैंड रेलवे पुल के निकट पंपों के संचालन की जानकारी ली। बारिश से मौसम जरूर सुहावना हो गया था, लेकिन पानी में फंसे लोगों के चेहरे चिंता से भरे थे। अनेक लोग दुपहिया पर बच्चों के साथ थे, समझ नहीं आ रहा था कि आगे कैसे जाएं और पीछे से तो बमुश्किल यहां तक पहुंचे ही थे। बरसात से एक तरफ मौसम सुहाना हुआ लेकिन दूसरी ओर शहर जल भराव की समस्या से जकड़ गया। जिधर देखो उधर पानी नजर आया। सभी प्रमुख रास्ते लबालब हो गए। प्रमुख नाले उफन गए, उनकी गंदगी सड़कों पर आ रही थी, नालियों का तो पता ही नहीं चल रहा था कि है या नहीं। ऐसे में दुपहिया चालकों के लिए हादसे की आशंका बनी रही।
भूतेश्वर रेलवे पुल के साथ नए और पुराने बस स्टैंड रेलवे पुल के नीचे कई घंटे पानी भरा रहा। नए बस स्टैंड रेलवे पुल के नीचे रोडवेज की दो बसें पानी में फंस गईं। कई छोटे वाहन भी पानी के चलते रास्ता तय नहीं कर सके और पुल के नीचे ही बंद हो गए। इससे भूतेश्वर से लेकर नए बस स्टैंड तक का रास्ता भी जाम हो गया। वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों ने पुलों के नीचे जल भराव को देखते हुए अपना रास्ता ही बदल दिया। नगर आयुक्त ने तीनों पुलों के नीचे पानी की निकासी के लिए संंबंधित अधिकारियों का दिशानिर्देश दिए। इसके अलावा बाहरी इलाकाें की अनेक कॉलोनियों में जलभराव हो गया। औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों का और भी बुरा हाल हो गया। टूटी सड़कों पर पानी भर गया। भरतपुर गेट से जंक्शन जाने वाले रास्ते पर भी जाम लग गया। हाईवे की सर्विस रोड पर जलभराव हाईवे के दोनों साइड में सर्विस रोड पर जलभराव हो गया। कई जगह तो सर्विस रोड का पानी हाईवे पर बहने लगा। भरतपुर तिराहे से आगे जय गुरुदेव और मंडी समिति तक सर्विस रोड पर कई जगह घुटनों तक पानी भर गया था। लोगों ने बताया कि हाईवे किनारे बनाए नाले, रोड बनने के बाद से अब तक साफ नहीं किए गए हैं। ऐमे में न तो सर्विस रोड का पानी नालों में जाता है और न ही हाईवे का।
भूतेश्वर रेलवे पुल के साथ नए और पुराने बस स्टैंड रेलवे पुल के नीचे कई घंटे पानी भरा रहा। नए बस स्टैंड रेलवे पुल के नीचे रोडवेज की दो बसें पानी में फंस गईं। कई छोटे वाहन भी पानी के चलते रास्ता तय नहीं कर सके और पुल के नीचे ही बंद हो गए। इससे भूतेश्वर से लेकर नए बस स्टैंड तक का रास्ता भी जाम हो गया। वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों ने पुलों के नीचे जल भराव को देखते हुए अपना रास्ता ही बदल दिया। नगर आयुक्त ने तीनों पुलों के नीचे पानी की निकासी के लिए संंबंधित अधिकारियों का दिशानिर्देश दिए। इसके अलावा बाहरी इलाकाें की अनेक कॉलोनियों में जलभराव हो गया। औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों का और भी बुरा हाल हो गया। टूटी सड़कों पर पानी भर गया। भरतपुर गेट से जंक्शन जाने वाले रास्ते पर भी जाम लग गया। हाईवे की सर्विस रोड पर जलभराव हाईवे के दोनों साइड में सर्विस रोड पर जलभराव हो गया। कई जगह तो सर्विस रोड का पानी हाईवे पर बहने लगा। भरतपुर तिराहे से आगे जय गुरुदेव और मंडी समिति तक सर्विस रोड पर कई जगह घुटनों तक पानी भर गया था। लोगों ने बताया कि हाईवे किनारे बनाए नाले, रोड बनने के बाद से अब तक साफ नहीं किए गए हैं। ऐमे में न तो सर्विस रोड का पानी नालों में जाता है और न ही हाईवे का।
दो दिन की बरसात के बाद सड़कों में गड्ढे हो गए हैं। हाल ही मरम्मत की गईं सड़कें जगह-जगह धंस गई हैं। कृष्णा नगर रोड से भूतेश्वर चौराहे तक अनेक स्थानों पर सड़क धंस गई है। भरतपुर गेट रोड का भी यही हाल है।
महोली रोड पर दुकानों में भरा पानी
कृष्णा नगर रोड पर पानी में फंसे लोगों ने हाईवे की तरफ जाने के लिए महोली रोड पर जाना तय किया, लेकिन यहां भी हालात ठीक नहीं थे। यहां भी दुपहिया पानी में फंस गए। रोड के दोनों ओर स्थित होटलों, दुकानों और गोदामों में पानी भर गया। नाले फुल हो चुके थे और पानी सड़कों पर तेज गति से बहता दिखा।
महोली रोड पर दुकानों में भरा पानी
कृष्णा नगर रोड पर पानी में फंसे लोगों ने हाईवे की तरफ जाने के लिए महोली रोड पर जाना तय किया, लेकिन यहां भी हालात ठीक नहीं थे। यहां भी दुपहिया पानी में फंस गए। रोड के दोनों ओर स्थित होटलों, दुकानों और गोदामों में पानी भर गया। नाले फुल हो चुके थे और पानी सड़कों पर तेज गति से बहता दिखा।
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Author: Vijay Singhal
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