हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महुवन के निकटवर्ती गांव ओल में रात अज्ञात लोगों ने आंबेडकर पार्क में लगी डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का हाथ क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह करीब सवा पांच बजे इस घटना का पता चलते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों का भारी जमावड़ा लग गया। उधर, पुलिस को इसका पता चलते ही आनन फानन आसपास के कई थानों से जाब्ता बुलवा लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरोपी पकड़े जाने तक वे यहीं डटे रहेंगे। दोपहर करीब 12 बजे ये लोग पुलिस चौकी का घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने बीच रास्ते से ही वापस लौटा दिया। आखिर दोपहर करीब सवा दो बजे पुलिस के उच्चाधिकारियों के नई प्रतिमा मंगवाकर लगवाने के आश्वासन पर लोगों ने धरना खत्म कर दिया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सुबह जैसे ही लोगों को पता चला कि पार्क में लगी आंबेडकर की प्रतिमा का एक हाथ क्षतिग्रस्त है तो यह खबर आग के तरह कस्बे में फैल गई। बड़ी संख्या में महिलाए, पुरुष और बच्चे पार्क की ओर रवाना हो गए। घंटे भर में आसपास के गावों के भी लोग पहुंच गए और मौके पर भारी जमावड़ा लग गया। लोगों ने इसकी सूचना ओल चौकी इंचार्ज सीवी सिंह को दी। वह मौके पर पहुंचे और घटना के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचना दी। लोगों के आक्रोश को देखते हुए एहतियात के तौर पर थाना फरह, थाना हाइवे, थाना रिफाइनरी से पुलिस जाब्ता बुलवा लिया गया। करीब दस बजे सीओ हर्षिता सिंह और बाद में एसपी सिटी एमपी सिंह भी मौके पर पहुंच गए और टेंट लगाकर धरना दे रहे लोगों से बातचीत शुरू की। लोगों का कहना था कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने और जब तक नई प्रतिमा नहीं लगा दी जाती वे यहीं डटे रहेंगे। करीब सात घंटे तक लोग पार्क में ही डटे रहे और नारेबाजी करते रहे। पुलिस के किसी भी आश्वासन को उन्होंने नहीं माना। दोपहर करीब 12 बजे धरनास्थल से उठकर लोग 500 मीटर दूर स्थित पुलिस चौकी का घेराव करने निकले। यह देख पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। ऐसे में और जाब्ता मंगवाया गया। लोगों के साथ-साथ पुलिस भी चौकी की ओर रवाना हो गई। चौकी से कुछ ही दूरी पर पुलिस ने भीड़ को रोक लिया और सख्त कार्रवाई का डर दिखाकर उन्हें वापस धरनास्थल की ओेर लौटा दिया। मौके पर फॉरेंसिंक टीम को बुलवाया गया। टीम ने प्रतिमा के चबूतरे से सबूत इकट्ठे किए। चबूतरे पर फैले पेय पदार्थ का भी नमूना लिया। प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही भरतपुर और मथुरा से भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में पहुंच गए। प्रवीण कबीर ने पुलिस के समक्ष अपनी मांगे रखते हुए कहा कि कल तक बाबा साहब की अष्टधातु प्रतिमा की लगनी चाहिए और उसे लोहे के जाल से कवर करवाया जाए। इसके साथ ही पूरे पार्क में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं व चौबीस घंटे दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। इस दौरान उनकी पुलिस से नौकझोंक भी हुई। एसपी सिटी एमपी सिंह व सीओ रिफाइनरी हर्षिता सिंह ने आक्रोशित लोगों को समझाया और उनके सामने ही दूसरी प्रतिमा मंगवाने के लिए लखनऊ फोन किया। लोगों को फोन पर ही बाबा साहब की प्रतिमा पसंद करवाई गई और कीमत भी तय कर ली गई। पुलिस ने कहा कि शुक्रवार को नई प्रतिमा आ जाएगी और यहीं स्थापित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही 15 दिन में आरोपियों को पकड़कर जेल भेजने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोगों ने बाबा साहब का जयकारा लगाया और धरना समाप्त किया। पुलिस ने बताया कि लखनऊ से दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आंबेडकर की प्रतिमा रवाना करा दी गई है, जिसके रात 11 बजे तक पहुंचने की संभावना है और रात में ही इसे स्थापित कराने की कोशिश की जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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