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हाईकोर्ट के आदेश पर सोसाइटी रजिस्ट्रार ने अग्रवाल सभा कार्यकारिणी

ByVijay Singhal

Jan 7, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अग्रवाल सभा की निर्विरोध निर्वाचित 42 सदस्यीय कार्यकारिणी की वैधता को लेकर 10 माह से छिड़ी रार पर शनिवार को विराम लग गया। हाईकोर्ट के आदेश पर रजिस्ट्रार सोसाइटी, आगरा ने आदेश जारी कर कार्यकारिणी की वैधता को समाप्त कर दिया है। आदेश दिया है कि विवाद से जुड़े दोनों पक्षकार सभा के संबंध में मूल दस्तावेज प्रस्तुत करें। इसके बाद चुनाव की तिथि घोषित की जाएगी। भविष्य में चुनाव ग्रेड-2 रैंक के प्रशासनिक अधिकारी की निगरानी में होगा। 15 हजार मतदाता/सदस्यों वाली 70 साल पुरानी अग्रवाल सभा की 43 पदाधिकारियों और सदस्यों वाली कार्यकारिणी का तीन वर्ष के लिए चुनाव होता है। पूर्व में हुए लोकतांत्रिक चुनाव में महावीर मित्तल अध्यक्ष बने थे। उनका कार्यकाल जून 2022 में समाप्त हो रहा था। कार्यकाल समाप्त होने से एक माह पूर्व मई में चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की गई, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया को किसी न किसी वजह से टाला जाता रहा। मार्च 2023 में नामांकन आदि की प्रक्रिया हुई। सभी पदों पर 139 नामांकन हुए।शशिभानु गर्ग ने बताया कि एक पक्ष ने अपने समर्थन के 42 दावेदारों के नामांकनों को वैध करार देते हुए निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा करा दी। उपाध्यक्ष को कार्यवाहक अध्यक्ष का काम दे दिया गया। इसको सोसाइटी रजिस्ट्रार, आगरा के कार्यालय से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट तक में चुनौती दी गई। 10 माह के विवाद पर शनिवार को फैसला आने के बाद शिकायतकर्ता पक्ष में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। जगह-जगह मिष्ठान वितरण कर जताया हर्ष चौक बाजार चौराहे पर सचिन चौधरी, आशीष गर्ग व गगन बंसल आदि के नेतृत्व में आतिशबाजी व मिष्ठान वितरण किया गया। वहीं, होली गेट चौराहे पर पूर्व पालिका अध्यक्ष व वीरेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में मिष्ठान वितरण किया गया। वीरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि यह सत्य की जीत है। समाज से बड़ा कोई नहीं हो सकता। संपूर्ण समाज की अनदेखी कर मनमानी करने वालों के लिए यह सबक है। बीएसए इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी कॉलेज के अध्यक्ष उमाशंकर अग्रवाल एडवोकेट ने कहा कि अनैतिक तरीके से कराया चुनाव समाज की भावनाओं की अनुरूप नहीं था। परीक्षण से यह साफ हो गया है। यह फैसला समाज हित में है। पराग गुप्ता व अग्रवाल सभा के पूर्व पदाधिकारी शशिभानु गर्ग ने कहा कि निर्णय का गहनता से परीक्षण किया जा रहा है। उसी के अनुरूप वरिष्ठ लोगों के साथ बैठक कर समाज हित में आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।

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Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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