हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
आगरा पुलिस ने गाजियाबाद से एक फर्जी IAS गिरफ्तार किया है। उसकी कहानी भी काफी दिलचस्प है। उसने खुद को IAS बताकर शादी की। साथ ही दहेज में 40 लाख कैश, लग्जरी कार और 350 ग्राम सोने की ज्वेलरी ले ली। फिर अपनी पत्नी को घर से भगा कर नोएडा में एक दूसरी युवती के साथ लिव-इन में रहने लगा। बाद में उसकी खोजबीन करते हुए जब उसके ससुर नोएडा पहुंचे, तो उन्हें अपने घर न बुलाकर दूसरी जगह मुलाकात की। मगर, उसकी पोल खुल गई और ससुर ने उसे गिरफ्तार करवा दिया। आगरा के एत्माद्दौला के कालिंदी विहार के रहने वाले श्रीनिवास ने बेटी खुशबू की शादी 15 मार्च, 2021 को आरोपी संजय सिंह से की थी। संजय मथुरा का रहने वाला है। उसने खुद काे ट्रेनी IAS बताया था। भरोसे के लिए IAS का अपना फर्जी आईडी कार्ड भी उन्हें दिखाया। पुलिस अधिकारियों के साथ उसके फोटो देखकर ससुराल वालों को उसके IAS होने का विश्वास हो गया था। खुशबू के ससुराल पहुंचने पर संजय और ससुरालवालों ने नोएडा में फ्लैट की डिमांड करने लगे। इस दौरान आरोपी ने पत्नी का अबॉर्शन भी करा दिया। विरोध करने पर पति और ससुरालवालों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया।खुशबू के पिता श्रीनिवास काे पता चला कि दामाद संजय नोएडा में किसी महिला के साथ रहता है। 8 जून को श्रीनिवास और खुशबू संजय से मिलने नोएडा गए। उसने अपना पता नहीं दिया। खुद आकर मिला। दोबारा मिलने का प्रयास करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत लेकर श्रीनिवास बेटी की ससुराल मथुरा पहुंचे। आरोप है कि ससुर रनवीर सिंह और सास शिव कुमारी ने धमकी दी। ससुर ने राइफल से फायर कर दिया। लेकिन, वह किसी तरह से बचकर भाग निकले। श्रीनिवास ने 30 जुलाई 2022 को एत्माद्दौला थाने में संजय, रनवीर और शिव कुमारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मंटोला पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पीड़ित की बताई गई बात सही निकली। इसके बाद मंगलवार को पुलिस दबिश देने गई तो सोसाइटी के लोग वहां जुट गए। पुलिस से पूछताछ करने लगे। पुलिस ने बताया कि संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। वह IAS अधिकारी नहीं है, जिससे सोसाइटी के लोग भी हैरान रह गए। पुलिस का पता चलने पर संजय टॉयलेट में छिप गया। उसकी महिला मित्र ने संजय के वहां होने से मना किया। महिला पुलिस की मदद से फ्लैट की तलाशी लेने पर आरोपी वहां मिल गया। सहायक पुलिस आयुक्त सुकन्या शर्मा ने बताया कि आरोपी संजय को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के दौरान आरोपियों से दरोगा मनवीर सिंह ने रिश्वत ली थी। पीड़ित पक्ष ने तत्कालीन SSP प्रभाकर चौधरी से विवेचक की शिकायत की। आरोपियों से रिश्वत लेकर नाम निकालने, धाराओं को कम करने का आरोप लगाया था। SSP ने दरोगा मनवीर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद दरोगा मनवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया था। श्रीनिवास ने 30 जुलाई 2022 को एत्माद्दौला थाने में संजय, रनवीर और शिव कुमारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मंटोला पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पीड़ित की बताई गई बात सही निकली। इसके बाद मंगलवार को पुलिस दबिश देने गई तो सोसाइटी के लोग वहां जुट गए। पुलिस से पूछताछ करने लगे। पुलिस ने बताया कि संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। वह IAS अधिकारी नहीं है, जिससे सोसाइटी के लोग भी हैरान रह गए। पुलिस का पता चलने पर संजय टॉयलेट में छिप गया। उसकी महिला मित्र ने संजय के वहां होने से मना किया। महिला पुलिस की मदद से फ्लैट की तलाशी लेने पर आरोपी वहां मिल गया। सहायक पुलिस आयुक्त सुकन्या शर्मा ने बताया कि आरोपी संजय को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के दौरान आरोपियों से दरोगा मनवीर सिंह ने रिश्वत ली थी। पीड़ित पक्ष ने तत्कालीन SSP प्रभाकर चौधरी से विवेचक की शिकायत की। आरोपियों से रिश्वत लेकर नाम निकालने, धाराओं को कम करने का आरोप लगाया था। SSP ने दरोगा मनवीर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद दरोगा मनवीर सिंह को सस्पेंड कर दिया था।
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Author: vijay.singhal1233
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