हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार भंडारा लगाना आसान नहीं होगा। भंडारा संचालकों को खाद्य विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन, अग्निशमन, प्रदूषण व विद्युत विभाग अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा तीन पालियों में 2-2 सफाईकर्मी रखने होंगे। भंडारे के संचालन का निर्धारित शुल्क एक हजार रुपये जमा करने के बाद नगर निगम से अनुमति मिलेगी। किसी भी अप्रिय घटना अथवा दुर्घटना की जिम्मेदारी भंडारा संचालक की होगी। नियमों के उल्लंघन करने पर नगर निगम द्वारा कम से कम 1000 रुपये का जुर्माना किया जाएगा। बताते चलें कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व नंदोत्सव पर मथुरा में प्रतिवर्ष सेवाभावी संस्थाओं के साथ-साथ ब्रजवासियों द्वारा सैंकड़ों की संख्या में भंडारे, चाय-पानी की स्टॉल आदि लगायी जाती हैं।गुरुवार को नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने भंडारा संचालकों व सेवाभावियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दौरान आयोजित होने वाले सभी भंडारों में एकरूपता दिखाई दे। इसके लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित डिजाइन एवं रंग के अनुसार ही टेंट एवं बैनर लगाए जाएं तथा बैनरों पर केवल नगर निगम द्वारा निर्धारित संदेश अंकित किए जाएं। साथ ही हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है”का संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। नगर आयुक्त ने भंडारा संचालकों से अपील की कि वे 25 अगस्त तक अपने भंडारे का पंजीकरण एवं अनुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लें, जिससे अंतिम समय की असुविधा से बचते हुए व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जा सकें। बैठक में बताया गया कि पानी/शरबत की प्याऊ के लिए 250 रुपये, पूड़ी-सब्जी भंडारा के लिए 1100 (सक्षम स्तर से निर्धारित राशि के अनुसार) जमा कराने होंगे। अनुमति नगर निगम की निर्धारित शर्तों के अधीन होगी। प्याऊ का अधिकतम आकार 6X8 फीट होगा। आयोजन स्थल पर आयोजनकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, समिति का नाम एवं प्लास्टिक मुक्त भंडारा का बैनर लगाना अनिवार्य होगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के 800 मीटर क्षेत्र, मसानी-भूतेश्वर मार्ग तथा पोतरा कुंड फ्लाईओवर से एनएच-2 तक प्याऊ/शरबत वितरण की अनुमति नहीं होगी। बैठक में सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नरेंद्र यादव आदि थे।
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Author: Vijay Singhal
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