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आगरा में हफ्ता वसूली की रकम को लेकर दरोगा ने चौकी इंजार्च की तोड़ दी टांग, डीसीपी ने किया सस्पेंड

ByVijay Singhal

Jan 13, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
आगरा। आगरा में हफ्ता वसूली को लेकर एक दरोगा  ने अपने चौकी इंजार्च को इतना पीटा कि उसके पैर की हड्डी टूट गई। जब इसकी जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को हुई तो दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं मामले की जांच शुरू करा दी है। एसीपी का कहना है कि विवाद वरिष्ठता और कनिष्ठता को लेकर हुआ था। जांच कराई जा रही।

मामला थाना लोहामंडी की आलमगंज चौकी का है। घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे की है। चौकी पर तैनात संजय कुमार बैच 2019 के हैं। सिपाही से दरोगा बने रमेश चंद्र माथुर को भी एक महीने पहले चौकी पर तैनात किया गया है। शुक्रवार की रात दोनों में जमकर गुत्थम-गुत्था हुई। दरोगा रमेश चंद्र माथुर ने संजय कुमार को जमीन पर गिराकर उसे लात घूंसों से पीटा। जिसमें उसके पैर की हड्डी टूट गई। सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को दी गई। मौके पर एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी पहुंच गए, उन्होंने डीसीपी सिटी को इसकी जानकारी दी। डीसीपी सिटी सूरज रॉय ने बताया कि दरोगा के दुर्व्‍यवहार पर उसे निलंबित कर दिया है। इसकी प्रारंभिक जांच कराई जा रही है। विवाद का कारण चौकी पर पहुंचने वाली हफ्ता की वसूली बताई जा रही है। दरोगा रमेश चंद माथुर ने चौकी प्रभारी पर हफ्ता में हिस्सा देने की बात कही थी। दरोगा ने चौकी इंचार्ज से कहा था कि मैं तुमसे सीनियर हूं। कोई भी काम करने में एक बार मुझसे मंजूरी जरूर ले लेना। पुलिस सूत्रों की माने तो दरोगा ने चौकी इचार्ज के कार्यों में हस्तक्षेप भी करना शुरू कर दिया था। इस बात पर दोनों में विवाद हुआ था।

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Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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