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गोवर्धन में प्राण प्रतिष्ठा पर टिप्पणी करने वाले अज्ञानी : अधोक्षजानंद

ByVijay Singhal

Jan 8, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का विरोध व टिप्पणी करने वालों पर जगद्गुरु स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ ने रविवार को निशाना साधा। ऐसे लोगों को अज्ञानी बताते हुए बिना शर्त माफी की मांग तक कर दी।
गोवर्धन के शंकराचार्य आश्रम पर बातचीत में कहा कि एक संत ने प्रधानमंत्री के मूर्ति छूने पर एतराज जताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री स्पर्श करेंगे और हम तालियां बजाएंगे। यह बात उनकी अज्ञानता को दर्शाती है। यह 140 करोड़ भारतीयों का भी अपमान किया है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो भी शासक होगा, वह जनता का प्रतिनिधि होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दृढ़ इच्छा शक्ति से जल्द मंदिर निर्माण के लिए साधुवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को देश-विदेश के सनातनी खुशियां मना रहे हैं, तब ऐसे लोगों को क्या कष्ट हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ उस समय भी कुछ अज्ञानी अपना अस्तित्व बचाने में लगे थे। अब श्रीराम अपने महल में विराजमान हो रहे हैं। तब भी ऐसे लोगों जहां-तहां छिपकर अपना अस्तित्व बचाना चाहिए। ऐसे लोगों बगैर प्राण प्रतिष्ठा नहीं रुक जाएगी। वे धर्मगुरु होने को दावा कर रहे हैं, जबकि राम स्वयं धर्म हैं।
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Author: Vijay Singhal

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण को लेकर 6 दिसंबर को मथुरा में प्रस्तावित कार सेवा को लेकर हरिद्वार में अखाड़ा परिषद ने स्थिति स्पष्ट की है। हरिद्वार में अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों ने कहा कि 6 दिसंबर को परिषद की ओर से मथुरा में किसी भी प्रकार की कार सेवा नहीं होगी। अखाड़ा परिषद किसी कार सेवा का समर्थन नहीं करती है और अखाड़ा परिषद का कार से सेवा से कोई मतलब नहीं है। यह बात उन्होंने हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला का विधि-विधान से पूजन के दौरान कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज एवं निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया। उधर, संतों से कहा कि न्यायालय के आदेश के बिना वह किसी प्रकार का समर्थन नहीं करेंगे।डाॅ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। जिस प्रकार अयोध्या मामले में न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी प्रकार मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा। 7455095736
मथुरा में 6 दिसंबर को कार सेवा नहीं होगी:अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द,

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