हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का विरोध व टिप्पणी करने वालों पर जगद्गुरु स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ ने रविवार को निशाना साधा। ऐसे लोगों को अज्ञानी बताते हुए बिना शर्त माफी की मांग तक कर दी।
गोवर्धन के शंकराचार्य आश्रम पर बातचीत में कहा कि एक संत ने प्रधानमंत्री के मूर्ति छूने पर एतराज जताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री स्पर्श करेंगे और हम तालियां बजाएंगे। यह बात उनकी अज्ञानता को दर्शाती है। यह 140 करोड़ भारतीयों का भी अपमान किया है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो भी शासक होगा, वह जनता का प्रतिनिधि होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दृढ़ इच्छा शक्ति से जल्द मंदिर निर्माण के लिए साधुवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को देश-विदेश के सनातनी खुशियां मना रहे हैं, तब ऐसे लोगों को क्या कष्ट हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ उस समय भी कुछ अज्ञानी अपना अस्तित्व बचाने में लगे थे। अब श्रीराम अपने महल में विराजमान हो रहे हैं। तब भी ऐसे लोगों जहां-तहां छिपकर अपना अस्तित्व बचाना चाहिए। ऐसे लोगों बगैर प्राण प्रतिष्ठा नहीं रुक जाएगी। वे धर्मगुरु होने को दावा कर रहे हैं, जबकि राम स्वयं धर्म हैं।
गोवर्धन के शंकराचार्य आश्रम पर बातचीत में कहा कि एक संत ने प्रधानमंत्री के मूर्ति छूने पर एतराज जताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री स्पर्श करेंगे और हम तालियां बजाएंगे। यह बात उनकी अज्ञानता को दर्शाती है। यह 140 करोड़ भारतीयों का भी अपमान किया है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो भी शासक होगा, वह जनता का प्रतिनिधि होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दृढ़ इच्छा शक्ति से जल्द मंदिर निर्माण के लिए साधुवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को देश-विदेश के सनातनी खुशियां मना रहे हैं, तब ऐसे लोगों को क्या कष्ट हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ उस समय भी कुछ अज्ञानी अपना अस्तित्व बचाने में लगे थे। अब श्रीराम अपने महल में विराजमान हो रहे हैं। तब भी ऐसे लोगों जहां-तहां छिपकर अपना अस्तित्व बचाना चाहिए। ऐसे लोगों बगैर प्राण प्रतिष्ठा नहीं रुक जाएगी। वे धर्मगुरु होने को दावा कर रहे हैं, जबकि राम स्वयं धर्म हैं।
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Author: Vijay Singhal
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