हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में नाबालिग बेटी के साथ दुराचार के मामले में आरोपी पिता को कोर्ट ने वारदात के 2 महीने बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट की अदालत ने आरोपी पर 80 हजार रूपए का अर्थ दंड भी लगाया। आरोपी ने 17 मई को वारदात को अंजाम दिया था। मथुरा के थाना फरह में 18 मई को एक महिला पहुंची और पुलिस से कहा कि उसे अपनी बेटी के साथ हुई रेप की वारदात की रिपोर्ट दर्ज करानी है। पुलिस ने जब आरोपी के बारे में पूछा तो पता चला कि इस शर्मनाक हरकत को किसी और ने नहीं बल्कि उसके पिता ने ही अंजाम दिया है। पुलिस ने तत्काल पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ दुराचार की रिपोर्ट दर्ज की और पीड़िता का मेडिकल कराया था। थाना फरह क्षेत्र के रहने वाले महेंद्र सिंह ने अपनी 10 वर्षीय बेटी के साथ ही शर्मनाक हरकत कर डाली। महेंद्र सिंह पीड़िता को मोटर साइकिल से नेशनल हाईवे पर हिंदुस्तान कॉलेज के समीप गोवर्धन नाले के पास झाड़ी में ले गया और बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता ने इसकी जानकारी मां को दी। मां ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी महेंद्र के खिलाफ धारा 376 और 5M/6 पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज करने के बाद आरोपी महेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। इस मामले में विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट राम किशोर यादव ने 2 महीने में ही सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी महेंद्र सिंह को आजीवन कारावास और 80 हजार रूपए अर्थ दंड की सजा सुनाई। स्पेशल डीजीसी पोस्को एक्ट अलका उपमन्यु ने बताया कि कोर्ट ने महेंद्र सिंह को धारा 376 में 10 वर्ष और 20 हजार रूपए का अर्थ दंड,धारा 506 में 2 वर्ष कारावास और 10 हजार रुपए अर्थ दंड व पोक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और 50 हजार रूपए अर्थ दंड की सजा सुनाई है। आरोपी पर सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी।
आजीवन कारावास की सजा पा चुके महेंद्र पर बड़ी बेटी ने भी बलात्कार का आरोप लगाया था। इस मामले में पीड़िता की तहरीर पर मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया था। लेकिन बाद में दबाव के चलते पत्नी और पीड़िता ने बयान बदल लिए थे,जिसके चलते आरोपी महेंद्र बच गया। लेकिन महेंद्र ने सुधार लाने की बजाय कुछ दिन बाद ही छोटी बेटी के साथ दुराचार की वारदात को अंजाम दे डाला।
