हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में 21वीं सदी के भक्त-प्रवर कविवर दास नारायण द्वारा रचित भजनों पर आधारित पुस्तक कृष्ण भक्ति-पद का विमोचन सांसद हेमा मालिनी, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने किया। गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन में आयोजित कार्यक्रम में डाॅ. उमेश चंद्र शर्मा द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन किया गया। सांसद हेमामालिनी ने कहा कि कविवर दासनारायण के भजनों की पुस्तक श्रीकृष्ण भक्ति से जोड़ने का माध्यम है। भक्ति साहित्य के क्षेत्र में यह एक अमूल्य धरोहर है। कविवर दास नारायण ने बताया कि पुस्तक में कृष्ण भक्ति को समर्पित लगभग 200 पदों का संकलन किया गया है, जिनका संपादन डाॅ. उमेश चंद्र शर्मा ने किया है।
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि कलियुग में कीर्तन और भक्ति-पद ईश्वर प्राप्ति का सबसे सरल एवं प्रभावी साधन हैं। जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप गुप्ता ने कहा कि यह पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं बल्कि राधा-कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण का सजीव प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार रहीस सिंह ने कहा कि कृष्ण भक्ति-पद वर्तमान युग के संदर्भ में लिखी गई अद्वितीय कृति है। वाणी प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी ने पुस्तक की साहित्यिक विशेषताओं की चर्चा की। भजन गायक कन्हैया लाल चतुर्वेदी एवं सौरभ चतुर्वेदी ने कृष्ण भक्ति पदों का गायन किया। संचालन ब्रज भूषण चतुर्वेदी तथा गीता शोध संस्थान के कोऑर्डिनेटर चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने किया। लेखिका प्रो. अनीता चौधरी ने हेमा मालिनी को अपनी लिखी कहानी पुस्तक भेंट की। इस अवसर पर दामोदर शर्मा, डाॅ. देव प्रकाश शर्मा, गर्गाचार्य, सुनील शर्मा, दीपक शर्मा एवं गीता विशेषज्ञ महेश शर्मा, नौटंकी कलाकार बृजेन्द्र वर्मा एवं राम सिंह, रितु, मानसी आदि को पटुका पहनाकर सम्मानित किया।
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Author: Vijay Singhal
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