हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने पत्र लिखा है। इसमें UN के सामने बाबरी मस्जिद विध्वंस, राम मंदिर निर्माण का मुद्दा उठाया गया है। पत्र के जरिए पाकिस्तान ने कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की शाही ईदगाह भी इसी तरह के ‘खतरे का सामना’ कर रही हैं। भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण यानी ASI की रिपोर्ट के हवाले से हिंदू पक्ष के वकील ने कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद पुराने मंदिर के अवशेषों पर बनाई गई थी। पाकिस्तान के अखबार द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, UN अधिकारी मिगेल एंगल मोराटिनोस के नाम लिखे पत्र में कहा गया है, ‘भारत के अयोध्या में गिराई गई बाबरी मस्जिद के स्थान पर राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पाकिस्तान कड़ी निंदा करता है।’रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में कहा गया है, ‘भारत में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए आपके तत्काल हस्तक्षेप करने के लिए आपको यह पत्र लिख रहा हूं। यूनाइटेड नेशन्स अलायंस ऑफ सिविलाइजेशन्स को इस्लामिक विरासत को बचाने और भारत में धार्मिक और सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों को बचाने के लिए अहम भूमिका निभाना चाहिए।’द डॉन के मुताबिक, अकरम का कहना है, ‘दुखद है कि यह घटना अकेली नहीं है, क्योंकि वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा में शाही ईदगाह मस्दिज समेत कई अन्य मस्जिदें ऐसे खतरों का सामना कर रही हैं।’ पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा था, ‘पिछले 31 वर्षों के दौरान के घटनाक्रम के बाद आज का प्राण प्रतिष्ठा समारोह भारत में बढ़ते बहुसंख्यकवाद का संकेत है। यह भारतीय मुसलमानों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेलने के लिए किये जा रहे प्रयास के तहत उठाया गया कदम है।’ इसके अनुसार, ‘भारत में ‘हिंदुत्व’ की बढ़ती विचारधारा धार्मिक सद्भाव और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा है। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने गुरुवार को कहा कि ASI की रिपोर्ट से संकेत मिला है कि ज्ञानवापी मस्जिद वहां पहले से मौजूद एक पुराने मंदिर के अवशेषों पर बनाई गई थी। जैन ने यह भी दावा किया कि सर्वेक्षण रिपोर्ट में मंदिर के अस्तित्व के पर्याप्त सबूत मिलने की बात कही गई है, जिस पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। उन्होंने दावा किया कि सर्वेक्षण के दौरान दो तहखानों में हिंदू देवताओं की मूर्तियों के अवशेष पाए गए हैं। जैन ने संवाददाताओं को बताया कि एएसआई की 839 पन्नों वाली सर्वेक्षण रिपोर्ट की प्रतियां गुरुवार देर शाम अदालत द्वारा संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा दी गईं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट से स्पष्ट है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित मस्जिद 17वीं शताब्दी में औरंगजेब के शासनकाल के दौरान एक भव्य हिंदू मंदिर को ध्वस्त किए जाने के बाद उसके अवशेषों पर बनाई गई थी।
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Author: Vijay Singhal
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