हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिला अस्पताल में मरीजों को तत्काल उपचार देने के लिए 24 घंटे संचालित होने वाली इमरजेंसी खुद ही बीमार है। वार्डों से उठने वाली दुर्गंध मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों को भी बीमार कर रही है। इतना ही नहीं मरीजों को बेड पर चादर तक नसीब नहीं हो रही है। ऐसे में मरीजों से पहले इमरजेंसी को उपचार की दरकार है।
जिला अस्पताल परिसर में ही संचालित इमरजेंसी वार्ड में प्रथम तल पर चार अलग-अलग वार्ड बने हैं। इनमें दो फीमेल वार्ड, एक मेल वार्ड और एक बच्चा वार्ड है। इनमें मरीजों को तत्काल उपचार देने के लिए भर्ती किया जाता है। हालत में सुधार होने पर मरीजों को जिला अस्पताल के सामान्य वार्डों में स्थानांतरित कर दिया जाता है लेकिन जिला अस्पताल की इमरजेंसी मरीजों को बजाए उपचार देने के लिए बीमार बना रही है। हाल यह है कि वार्डों में नियमित साफ-सफाई न होने के चलते उठने वाली दुर्गंध मरीजों और तीमारदारों को बेहाल कर रही है। नर्सिंग स्टाफ भी इन वार्डों में मुंह पर कपड़ा बांधकर जाता है। मरीजों के लिए बेड पर जहां चादर नहीं हैं तो वहीं कूड़ेदान भी समय से खाली नहीं किए जा रहे हैं। बेड पर चादर न होने से गर्मी में रैगजीन के गद्दों पर मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। ये अव्यवस्थाएं इमरजेंसी में मरीजों की परेशानी बढ़ा रही हैं, लेकिन अधिकारी इससे बेखबर हैं।
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Author: Vijay Singhal
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