हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वाइल्डलाइफ एसओएस ने बचाए गए भालू और हाथियों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए अपने आगरा और मथुरा केंद्रों में विशेष प्रबंधन प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया है। इन विशेष प्रबंधन के तहत जानवरों को हाइड्रेट रखना एवं उन्हें गर्मी में भी ठंडा रखने के उपाय शामिल हैं।
आगरा भालू संरक्षण केंद्र में भालुओं को दिए जाने वाले तरबूज और खीरे जैसे हाइड्रेटिंग मौसमी फलों की मात्रा में वृद्धि हुई है। आइस पॉप्सिकल्स और जमे हुए फलों के ब्लॉक जैसे शीतलता बढ़ाने वाले पदार्थ भालुओं को दिए जा रहे हैं, जो पोषण प्रदान करने और उन्हें ठंडा रखने में मदद करते हैं। बाड़ों में कूलर और ओवरहेड स्प्रिंकलर लगे हैं, जबकि पानी के पूल गर्मी के दिनों में बहुत जरूरी राहत प्रदान करते हैं। गर्मी से तनाव के लक्षण दिखाने वाले भालुओं में निर्जलीकरण को रोकने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) भी दिया जा रहा है। हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र और हाथी अस्पताल परिसर में नए अनुकूलन में दिन के ठंडे समय में हाथी सैर पर जाते हैं। सुबह जल्दी और देर शाम हाथी दोपहर की गर्मी से बच सकें। स्प्रिंकलर, नियमित पूल रखरखाव और अतिरिक्त ओआरएस सेवन हाथियों को हाइड्रेटेड और आरामदायक बनाए रख रहे हैं। वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि गर्मियां में हर भालू और हाथी के पास वह सब कुछ हो जो उन्हें स्वस्थ, हाइड्रेटेड और खुश रहने के लिए चाहिए। वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि ने कहा कि ग्रीष्मकालीन प्रोटोकॉल शारीरिक राहत से कहीं आगे जाते हैं, वे जानवरों की भावनात्मक और व्यवहारिक भलाई का भी समर्थन करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। उप-निदेशक डॉ. इलियाराजा ने कहा कि ओआरएस अनुपूरण, अनुकूलित आहार और आवास शीतलन कुछ पशु चिकित्सा-नेतृत्व वाले हस्तक्षेप हैं जिन्हें हमने शुरू किया है।
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Author: Vijay Singhal
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