हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिला अस्पताल में भले ही प्रतिदिन 800 से 1000 रोगियों की ओपीडी हो रही हो, लेकिन यहां आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीज को परेशानी ही झेलनी पड़ती है। मरीज तो छोड़िए यहां उनके तीमारदार भी अपने मरीज को इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक को दिखाने ले जाने के लिए वार्ड ब्वाय का इंतजार करते रहते हैं। डॉक्टर भी मरीजों का उपचार करने से इन्कार कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही नजारा जिला अस्पताल में दिखाई दिया। दोपहर करीब 12 बजे अंबाखार निवासी राहुल और त्रिलोकी पिता वीरी सिंह की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर आए। यहां मरीज को किसी तरह स्ट्रेचर पर लिटाया, लेकिन कोई भी वार्ड ब्वाय सहायता करने के लिए नहीं आया और न ही उन्हें अंदर तक चिकित्सक के पास लेकर गया। मरीज वीरी सिंह के पुत्र राहुल ने बताया कि उनके पिता की ब्लड प्रेशर अधिक होने के कारण अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें जिला अस्पताल स्थित इमरजेंसी वार्ड लेकर आए। यहां चिकित्सक ने उपचार करने से इन्कार कर कही और ले जाने के लिए कहा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुकुंद बंसल ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण कभी-कभी स्ट्रेचर को लाना-ले जाना नहीं हो पाता है। फिर भी ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय को मरीज की मदद करनी चाहिए, इसे दिखवाया जाएगा। वहीं चिकित्सक के व्यवहार को लेकर उनसे भी जवाब तलब किया जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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