हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल मथुरा। बरसाना में गुरु पूर्णिमा पर्व पर राधा रानी की नगरी में शास्त्रीय संगीत की रसधारा बहेगी। गहवर वन के निस्पृह संत पद्मश्री से सम्मानित रमेश बाबा महाराज के पावन सान्निध्य में गुरु पूर्णिमा पर्व पर शास्त्रीय नृत्य-संगीत की अनूठी प्रस्तुतियों से श्री राधा रस मंडप सभागार झंकृत होता दिखेगा। इस हेतु राष्ट्रपति से फर्स्ट लेडी अवार्ड एवं हाल ही में मध्य प्रदेश शासन से दुर्लभ वाद्य वादन हेतु एक लाख रुपए का पुरस्कार प्राप्त विश्वविख्यात् संतूर वादिका डॉ. वर्षा अग्रवाल उज्जैन से आ रही हैं। डॉ वर्षा अग्रवाल इस बीच माताजी गौशाला में गायों के मध्य संतूर वादन कर उन्हें संगीत से प्रभावित कर सकारात्मक प्रभाव भी दिखाएंगी। गुरु पूर्णिमा के अवसर में 3 जुलाई सोमवार को माताजी गौशाला में आयोजित होने वाले संगीत समारोह को लेकर मान मंदिर सेवा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि रमेश बाबा महाराज के सानिध्य में इस बार गुरु पूर्णिमा महोत्सव के मौके पर बरसाना धाम में देश के विख्यात संगीतज्ञों को आमंत्रित किया गया है। गुरु पूर्णिमा संगीत समारोह की संयोजिका श्रीजी शर्मा ने बताया कि आज कल लोग शास्त्रीय संगीत को भूलते जा रहे हैं। इसलिए बाबा की इच्छा है इस संगीत का मूल स्वरूप बरसाना से पुनः प्रकट हो। इसके लिए भारत वर्ष में संगीत के जो अच्छे साधक हैं उन्हें यहां बुलाया जा रहा है और उन्हें श्रीजी नाद सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन के उद्देश्य के बारे में जानकारी देते हुए श्री जी शर्मा ने बताया कि सनातन धर्म से जुड़े लोग संगीत में रुचि रखने वाले हैं। साधक धीरे-धीरे शास्त्रीय संगीत से दूर होते जा रहे हैं युवा पीढ़ी तो बिल्कुल ही शास्त्रीय संगीत भूल चुकी है। अतः ऐसे सभी लोगों को शास्त्रीय संगीत से जोड़ने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। ब्रज के प्रसिद्ध संगीतज्ञ डॉक्टर राजेंद्र कृष्ण अग्रवाल ने इस आयोजन में सम्मिलित होने वाले कलाकारों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विश्व विख्यात संतूर वादक डॉक्टर वर्षा अग्रवाल बरसाना में अपनी साधना को राधा रानी के चरणों में समर्पित करेंगी। वही वह माताजी गौशाला के गोवंश के समक्ष संतूर वादन कर उसके प्रभाव से लोगों को चमत्कृत करेंगी। इसी के साथ पण्डित बिरजू महाराज की शिष्या सुप्रसिद्ध नृत्यांगना नयनिका घोष कथक नृत्य कर ब्रजवासियों को आल्हादित करेंगी इसके अलावा वृन्दावन से पधार रही गिरजा देवी की कृपा प्राप्त श्रीमती आस्था गोस्वामी अपने कोकिल कंठ से गह्वर वन को गुंजायमान करेंगी। इनके साथ तबला संगति हेतु पद्मविभूषण पंडित किशन महाराज जी के वरिष्ठ शिष्य पं. ललित महंत जी भी उज्जैन से आ रहे हैं। तबला पर संगति के लिए देश के सुप्रसिद्ध कलाकार उस्ताद अख़्तर हसन पधार रहे हैं और हारमोनियम पर युवा शास्त्रीय गायक और वादक कौशिक मित्रा संगति देंगे। इस समारोह के लिए तैयारियां रस मंडप में शुरू हो गई है। व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में मान मन्दिर सेवा संस्थान, रस मन्दिर और माताजी गौशाला के लोग जुटे हुए हैं।7455095736
